Bribery Case in Narnaul: नारनौल के फायरमैन को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया

नारनौल से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां फायर एनओसी जारी कराने के नाम पर रिश्वतखोरी का मामला उजागर हुआ है। हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एस
नारनौल से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां फायर एनओसी जारी कराने के नाम पर रिश्वतखोरी का मामला उजागर हुआ है। हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) की रेवाड़ी इकाई ने नारनौल फायर स्टेशन में तैनात एक फायरमैन को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई सोमवार को की गई, जब शिकायतकर्ता धनीराम ने ब्यूरो को सूचना दी कि उसने अपने मेडिकल स्टोर और अस्पताल के लिए फायर सेफ्टी उपकरण लगवाने और फायर एनओसी प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था। शिकायत के अनुसार, फायरमैन संदीप यादव ने इस प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए 75 से 80 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत की प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद एसवी एंड एसीबी ने एक योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया।
शिकायतकर्ता ने तय योजना के अनुसार फायरमैन को 20 हजार रुपये दिए। जैसे ही फायरमैन ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, ब्यूरो की टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। इस कार्रवाई के दौरान इंस्पेक्टर जयपाल सिंह ने बताया कि पूरी प्रक्रिया भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-105 के तहत की गई। यह कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता एजेंसियां सक्रिय हैं।
आरोपित फायरमैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। इस मामले में यह भी जांच की जा रही है कि क्या किसी अन्य व्यक्ति की इसमें भूमिका है। इस घटना ने एक बार फिर से सरकारी कर्मचारियों के बीच भ्रष्टाचार की समस्या को उजागर किया है, और यह आवश्यक है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए ताकि आम जनता का विश्वास सरकारी तंत्र पर बना रहे। इस प्रकार की घटनाएं न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती देती हैं, बल्कि समाज में नैतिकता और ईमानदारी की भावना को भी कमजोर करती हैं।









