Brutal Pakistani Army: PoK में निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी, 70 लोगों की जान गई

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (pojk) के रावलाकोट में हाल ही में प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के बीच झड़प की घटनाएं सामने आई हैं। मंगलवार की सुबह पाकिस्ता
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) के रावलाकोट में हाल ही में प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के बीच झड़प की घटनाएं सामने आई हैं। मंगलवार की सुबह पाकिस्तानी रेंजर्स ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें कई लोगों के मारे जाने की सूचना है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, पाक रेंजर्स ने निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया है। इसके बावजूद, लाखों की संख्या में प्रदर्शनकारी चिनार चौक पर मौजूद हैं और हटने से इनकार कर रहे हैं। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने बताया कि पाकिस्तानी सेना लगातार निहत्थे लोगों पर गोलीबारी कर रही है। JAAC का दावा है कि 5 जून से लेकर अब तक PoK में हुए विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या 70 तक पहुंच गई है।
पाकिस्तानी सेना के क्रूर दमन के बावजूद प्रदर्शनकारियों का हौसला कम नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारियों का एक विशाल काफिला चिनार चौक पहुंचा था और डी-चौक की ओर बढ़ रहा था। रात में यह काफिला रावलकोट स्थित मकबूल भट शहीद चौक पर रुका और चिनार चौक पर अभी भी लाखों की तादाद में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं। इस बीच, पीटीआई नेता डॉ. शहबाज़ गिल ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पर तंज कसते हुए कहा कि सैन्य कार्रवाई से उत्पन्न नफरत की वापसी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि लाशों की तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं, लेकिन शहादतों का कोई सटीक डेटा नहीं है।
शहबाज गिल ने यह भी आरोप लगाया कि मिलिट्री की इस कार्रवाई ने कश्मीर मुद्दे को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मारे गए नौजवान 22, 25 और 28 साल के थे, जिन्हें गोलियों से भून दिया गया। उन्होंने विदेशों में बैठे लोगों से आसिम मुनीर की तारीफ करने पर शर्म महसूस करने की अपील की। गिल के अनुसार, कश्मीर एक्शन कमेटी के नेता ख्वाजा मेहरान ने पाकिस्तान के साथ सभी एंट्री पॉइंट्स बंद करने का ऐलान किया है और पाकिस्तानी सेना की एंट्री पर रोक लगाने की बात कही है। इसके अलावा, द जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी आज भारतीय समयानुसार दोपहर को अपनी अगली रणनीति और आंदोलन के अगले कदम का आधिकारिक ऐलान करने वाली है।









