Building Demolition in Aliganj: अलीगंज अग्निकांड वाली बिल्डिंग को तोड़ने का एलडीए वसूलेगा खर्च

लखनऊ। अलीगंज में हाल ही में हुए अग्निकांड के बाद एलडीए ने निर्णय लिया है कि वह उस बिल्डिंग को ढहाने के लिए जो भी खर्च करेगा, उसकी वसूली बिल्डिंग के मालिक से की
लखनऊ। अलीगंज में हाल ही में हुए अग्निकांड के बाद एलडीए ने निर्णय लिया है कि वह उस बिल्डिंग को ढहाने के लिए जो भी खर्च करेगा, उसकी वसूली बिल्डिंग के मालिक से की जाएगी। इस संबंध में एलडीए की एक समिति बनाई जाएगी, जो यह तय करेगी कि इस प्रक्रिया में कुल कितना खर्च आएगा। समिति की बैठक एक-दो दिन में आयोजित की जाएगी, जिसके बाद बिल्डिंग मालिक को वसूली का नोटिस भेजा जाएगा। यह वसूली का मामला एलडीए के इतिहास में पहला होगा, क्योंकि इससे पहले किसी भी ध्वस्तीकरण में हुए खर्च की वसूली नहीं की गई थी। समिति में एलडीए के प्रशासनिक अधिकारी, इंजीनियर, जोनल अधिकारी और लेखा विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति बिल्डिंग के क्षेत्रफल और निर्माण के आधार पर जुर्माना तय करेगी। सूत्रों के अनुसार, इस प्रक्रिया में खर्च कम से कम पांच लाख रुपये होगा, क्योंकि यह बिल्डिंग लगभग 2000 वर्ग फीट के प्लॉट पर बनी थी, जिसमें बेसमेंट के अलावा तीन मंजिलें थीं। इसके निर्माण का कुल क्षेत्रफल करीब आठ हजार वर्ग फीट था।
इस बिल्डिंग में 22 जून को आग लगने के बाद एलडीए ने 10 जुलाई को ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया था। नोटिस में बिल्डिंग मालिक को 15 दिन का समय दिया गया था, ताकि वह खुद अपनी इमारत को तोड़ सके। यदि वह निर्धारित समय में बिल्डिंग को नहीं तोड़ता, तो एलडीए उसे ध्वस्त करेगा और उस पर आने वाले खर्च की वसूली करेगा। लेकिन बिल्डिंग मालिक ने निर्धारित समय के भीतर इमारत को ध्वस्त नहीं किया, जिसके बाद 25 जुलाई को एलडीए ने इसे ढहा दिया। इस प्रक्रिया में कई बुलडोजर, अन्य मशीनें और कर्मचारी लगाए गए थे। मलबा उठाने के लिए ट्रकों की भी व्यवस्था की गई थी। इस दौरान कई थानों की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। 25 जुलाई को बिल्डिंग को ढहाने का कार्य पूरा हुआ।









