Business Loan Fraud in Bihar: प्रिंटिंग प्रेस के नाम पर लिया 19 लाख का बिजनेस लोन, दुरुपयोग और गबन के आरोप में जनसुराज नेता गिरफ्तार

समस्तीपुर जिले में एक महत्वपूर्ण घटना सामने आई है, जहां भारतीय स्टेट बैंक की काशीपुर शाखा से वर्ष 2018 में 19.28 लाख रुपये का व्यवसायिक ऋण लेने के मामले में जनस
समस्तीपुर जिले में एक महत्वपूर्ण घटना सामने आई है, जहां भारतीय स्टेट बैंक की काशीपुर शाखा से वर्ष 2018 में 19.28 लाख रुपये का व्यवसायिक ऋण लेने के मामले में जनसुराज पार्टी के नेता आशुतोष कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने इस ऋण का दुरुपयोग किया और बैंक के साथ धोखाधड़ी की। यह मामला तब सामने आया जब वर्ष 2022 में इस संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने बताया कि आशुतोष कुमार पर आरोप है कि उन्होंने प्रिंटिंग प्रेस के नाम पर यह ऋण लिया था, लेकिन इसके बाद इस पैसे का सही उपयोग नहीं किया गया। इसके बजाय, उन्होंने इस राशि का दुरुपयोग किया, जिससे बैंक को नुकसान हुआ। इस मामले में पुलिस ने गहन जांच शुरू कर दी है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, आशुतोष कुमार ने ऋण प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों में हेरफेर किया था। उन्होंने बैंक अधिकारियों को गलत जानकारी दी, जिससे उन्हें यह ऋण स्वीकृत हुआ। जब बैंक को इस धोखाधड़ी का पता चला, तो उन्होंने मामले की जांच शुरू की और अंततः पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बताया कि आशुतोष कुमार की गिरफ्तारी इस मामले में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि इससे अन्य संभावित धोखाधड़ी के मामलों का भी पता चल सकता है। जांच में यह भी सामने आया है कि आशुतोष कुमार ने इस ऋण का उपयोग अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए किया, जो कि कानून के खिलाफ है।
समस्तीपुर पुलिस ने इस मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए आशुतोष कुमार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अन्य आरोपियों की भी पहचान की जा रही है, जो इस धोखाधड़ी में शामिल हो सकते हैं। इस घटना ने बैंकिंग क्षेत्र में धोखाधड़ी के मामलों को लेकर चिंता बढ़ा दी है और अधिकारियों ने इस प्रकार की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है। आशुतोष कुमार की गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।









