Call for Cow Protection: करोड़ों नागरिकों ने गोसंरक्षण की मांग को दिया समर्थन

गोमाता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने की मांग को लेकर चलाए जा रहे 'गो सम्मान आह्वान' अभियान ने अब देशव्यापी जनआंदोलन का रूप ले लिया है
गोमाता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने की मांग को लेकर चलाए जा रहे 'गो सम्मान आह्वान' अभियान ने अब देशव्यापी जनआंदोलन का रूप ले लिया है। इस अभियान के आयोजकों के अनुसार, देशभर से 15 करोड़ से अधिक नागरिकों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिन्हें संबंधित जिलाधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यों के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन भेजा गया है। विभिन्न राज्यों के जिला मुख्यालयों पर सुबह से ही संत-महात्मा, गोसेवक, किसान, मातृशक्ति, युवा और अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में एकत्र हुए। कार्यक्रम का आरंभ गोमाता के पूजन, वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ। इसके बाद विभिन्न जिलों में शांतिपूर्ण और अनुशासित प्रार्थना-यात्राएं निकाली गईं, जिनमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर गोसंरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। प्रार्थना-यात्राओं के दौरान सुसज्जित गोमाता और बछड़ों की शोभायात्राएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। प्रतिभागियों ने हाथों में अभियान के ध्वज, बैनर और संदेश लिखे प्लेकार्ड लेकर गोमाता के संरक्षण, भारतीय सांस्कृतिक विरासत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का संदेश दिया। कई स्थानों पर 15 करोड़ से अधिक हस्ताक्षरों का प्रतीकात्मक प्रदर्शन भी किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
अभियान के तहत जिलाधिकारी कार्यालयों में पहुंचे प्रतिनिधिमंडलों ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए गोसंरक्षण से जुड़ी विभिन्न मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आग्रह किया। ज्ञापन में गोहत्या-निषेध के लिए केंद्रीय कानून बनाने, गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान देने, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने, राष्ट्रीय गो-चारा नीति लागू करने सहित 30 से अधिक मांगों का उल्लेख किया गया है। इस अभियान ने न केवल गोमाता के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना को जागृत किया है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के महत्व को भी उजागर करता है। इस प्रकार के आंदोलनों से समाज में एकजुटता और सामूहिकता का संदेश फैलता है, जो कि किसी भी समाज के लिए आवश्यक है। गोसंरक्षण की यह मांग अब एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है, जिसमें विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हो रहे हैं।









