CBI Investigation: CWC मैनेजर की संपत्ति में 129% की वृद्धि का खुलासा

राज्य ब्यूरो, रांची। हजारीबाग स्थित सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (cwc) के मैनेजर रवि रंजन कुमार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार
राज्य ब्यूरो, रांची। हजारीबाग स्थित सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (CWC) के मैनेजर रवि रंजन कुमार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तारी के बाद अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच में उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का बड़ा मामला सामने आया है। सीबीआई की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मैनेजर रवि रंजन ने महज चार साल की अवधि में अपनी वैध आय से 129.12 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है, जो कि 1 करोड़ 11 लाख 35 हजार 204 रुपये है। इस सिलसिले में सीबीआई की रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने 27 जुलाई को मैनेजर और उनकी पत्नी प्रीति कुमारी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई एसीबी के पुलिस निरीक्षक रवि शंकर प्रसाद को सौंपा गया है।
सीबीआई की रांची टीम ने 24 अप्रैल 2026 को मैनेजर रवि रंजन कुमार को एक कार्यपालक से उसके आवंटित कार्य जारी रखने की अनुमति देने के एवज में 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। शिकायतकर्ता की लिखित शिकायत पर हुई इस गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई ने आरोपी के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। छापेमारी के दौरान मैनेजर के आवास से 22 लाख रुपये की नकदी, 15 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण तथा पटना, रांची एवं प्रयागराज में स्थित 70 लाख रुपये की अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए थे। इस गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपी मैनेजर की चल-अचल संपत्तियों का व्यापक ब्योरा खंगालना शुरू किया। इसके लिए जांच एजेंसी ने 1 अप्रैल 2022 से 24 अप्रैल 2026 तक की चार साल की अवधि को चेक पीरियड मानकर वित्तीय विश्लेषण किया।











