CDSCO: एआई मेडिकल सॉफ्टवेयर के नए नियमों से खुला रास्ता, छोटे बदलावों पर बार-बार लाइसेंस की जरूरत नहीं

देश में चिकित्सा सॉफ्टवेयर के सुरक्षित और नियमों के अनुसार उपयोग के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने मेडिकल डिवाइस सॉफ्टवेयर (एमडीएसडब्ल्यू)
देश में चिकित्सा सॉफ्टवेयर के सुरक्षित और नियमों के अनुसार उपयोग के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने मेडिकल डिवाइस सॉफ्टवेयर (एमडीएसडब्ल्यू) के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। यह गाइडलाइन 21 जुलाई से प्रभावी हो गई है। इस नई गाइडलाइन के तहत कंपनियों को सॉफ्टवेयर में छोटे-छोटे बदलावों के लिए बार-बार नया लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे कंपनियों को अपने सॉफ्टवेयर में एल्गोरिद्म जैसे महत्वपूर्ण अपडेट करने में आसानी होगी। इसके साथ ही, टेस्ट लाइसेंस और व्यावसायिक लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया को भी पहले की तुलना में अधिक सरल और स्पष्ट बनाया गया है।
हाल के वर्षों में अस्पतालों और क्लीनिकों में चिकित्सा सॉफ्टवेयर का उपयोग तेजी से बढ़ा है। एआई आधारित जांच, बीमारी की निगरानी और इलाज में इन सॉफ्टवेयर का योगदान लगातार बढ़ता जा रहा है। लेकिन, मेडिकल डिवाइस नियम-2017 मुख्य रूप से चिकित्सा मशीनों को ध्यान में रखकर बनाए गए थे, जिससे सॉफ्टवेयर निर्माताओं, आयातकों और शोधकर्ताओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। नई गाइडलाइन के माध्यम से, सीडीएससीओ ने इस क्षेत्र में आवश्यक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
इस बदलाव का उद्देश्य चिकित्सा सॉफ्टवेयर के विकास को प्रोत्साहित करना और सुनिश्चित करना है कि ये सॉफ्टवेयर सुरक्षित और प्रभावी हैं। इससे न केवल कंपनियों को अपने उत्पादों को बाजार में लाने में मदद मिलेगी, बल्कि यह स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नवाचार को भी बढ़ावा देगा। सीडीएससीओ की यह पहल चिकित्सा सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में एक नई शुरुआत का संकेत देती है, जो कि भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली के लिए एक सकारात्मक बदलाव हो सकता है।









