Census Handbook Preparation in Banda: जिला जनगणना हस्तपुस्तिका तैयार करने की कवायद शुरू

बांदा में जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएचबी) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो कि जनगणना-2027 के तहत जिले की सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी सुविधाओं की पू
बांदा में जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएचबी) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो कि जनगणना-2027 के तहत जिले की सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी सुविधाओं की पूरी तस्वीर को दर्शाएगी। इस दस्तावेज़ में आपके गांव में कितने स्कूल, अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र, पेयजल, सड़क और परिवहन की सुविधाएं, बैंक और डाकघर, बिजली, सिंचाई और रोजगार की स्थिति जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होंगी। यह दस्तावेज़ न केवल जिले की वास्तविक स्थिति का लेखा-जोखा प्रस्तुत करेगा, बल्कि भविष्य में विकास योजनाओं और सरकारी परियोजनाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदर्भ दस्तावेज बनेगा। जिले में कुल पांच तहसीलें और आठ ब्लॉक हैं, जिनमें 469 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इन सभी की जानकारी को इस हस्तपुस्तिका में डिजिटल रूप में दर्ज किया जाएगा।
जिला जनगणना हस्तपुस्तिका किसी भी जिले के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ दस्तावेज होती है। इसमें प्रत्येक गांव और नगर की जनसंख्या, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल, बैंकिंग, संचार, परिवहन और अन्य नागरिक सुविधाओं का विस्तृत ब्योरा दिया जाएगा। यह दस्तावेज़ विकास योजनाओं, सरकारी परियोजनाओं, शोध और नीति निर्माण के लिए आधार प्रदान करेगा। 1951 से हर जनगणना के बाद इसे डिजिटल रूप में तैयार किया जा रहा है। इस बार जिला जनगणना हस्तपुस्तिका दो भागों में प्रकाशित होगी। भाग-ए में जिले का इतिहास, भौगोलिक स्थिति, प्रशासनिक व्यवस्था, सामाजिक और आर्थिक स्वरूप, प्रमुख उद्योग और नागरिक सुविधाओं की जानकारी शामिल होगी।
इस प्रक्रिया के तहत, जिला जनगणना हस्तपुस्तिका का डिजिटलीकरण किया गया है, जिससे हर गांव और नगर की जनसंख्या, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल, बैंकिंग, संचार, परिवहन और अन्य नागरिक सुविधाओं का विस्तृत ब्योरा आसानी से देखा जा सकेगा। इस पहल का उद्देश्य न केवल जनगणना के आंकड़ों को संकलित करना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि सभी नागरिक सुविधाओं की सही जानकारी उपलब्ध हो, जिससे भविष्य में विकास योजनाओं को सही दिशा में आगे बढ़ाया जा सके। कुमार धर्मेंद्र, एडीएम राजस्व व वित्त, बांदा ने इस प्रक्रिया की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यह दस्तावेज़ जिले के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।









