UP: केंद्र ने कृषि क्लस्टर और नई लैब की मांग पर लगाई रोक

मुजफ्फरनगर जनपद के समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक ने हाल ही में केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और बिजनौर में नए
मुजफ्फरनगर जनपद के समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक ने हाल ही में केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और बिजनौर में नए एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर स्थापित करने और नई मृदा-बीज प्रयोगशालाओं की मांग को अस्वीकार कर दिया है। सांसद ने लोकसभा में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के समक्ष इन दोनों जिलों में कृषि अवसंरचना को मजबूत करने के लिए यह मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि क्षेत्र के किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नए एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर और मृदा-बीज प्रयोगशालाएं स्थापित की जानी चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने छोटे और सीमांत किसानों को गन्ना कटाई के आधुनिक उपकरणों पर विशेष अनुदान देने की भी मांग की।
कृषि मंत्रालय ने सांसद हरेंद्र मलिक के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर योजना के तहत फिलहाल मुजफ्फरनगर और बिजनौर में कोई नई परियोजना स्वीकृत नहीं की गई है। इस पर हरेंद्र मलिक ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को किसानों की वास्तविक जरूरतों को समझना चाहिए और उनके लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने बागवानी और तिलहन फसलों के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज की जरूरत पर भी जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन के तहत उन्नत बीज और सूक्ष्म पोषक तत्वों की जांच के लिए नई प्रयोगशालाओं की आवश्यकता भी उठाई।
हरेंद्र मलिक का आरोप है कि केंद्र सरकार ने स्थानीय किसानों की मांगों पर ठोस निर्णय लेने के बजाय सामान्य योजनाओं और बजटीय प्रावधानों का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की नीतियों से किसानों को कोई लाभ नहीं होगा और यह केवल कागजों तक सीमित रह जाएंगी। सांसद ने किसानों की भलाई के लिए सरकार से ठोस और प्रभावी कदम उठाने की अपील की है ताकि किसानों को उनकी फसलों के लिए बेहतर संसाधन और तकनीक मिल सके। इस मुद्दे पर सांसद की आवाज उठाने से यह स्पष्ट होता है कि किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए सरकार को अधिक सक्रियता दिखाने की आवश्यकता है।









