Chief Minister Stops Convoy for Lemonade: मुख्यमंत्री ने काफिला रोक ढाबे में पी शिकंजी

धर्मशाला। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी संस्कृति के बीच सोमवार को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री का एक सहज और आम आदमी के साथ जुड़ाव देखने को मिला। मुख्यमंत्री ध
धर्मशाला। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी संस्कृति के बीच सोमवार को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री का एक सहज और आम आदमी के साथ जुड़ाव देखने को मिला। मुख्यमंत्री धर्मशाला से नगरोटा बगवां में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, तभी उन्होंने नगरोटा बगवां के समीप हाईवे किनारे स्थित एक छोटे से ढाबे पर अचानक अपना काफिला रोक दिया। यह दृश्य वहां उपस्थित लोगों के लिए आश्चर्यजनक था, क्योंकि मुख्यमंत्री ने ढाबा संचालक से आत्मीयता से बातचीत की और रुककर नींबू पानी (शिकंजी) का स्वाद लिया। मुख्यमंत्री का यह कदम न केवल उनके सहज व्यक्तित्व को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि वे आम जनता के साथ जुड़ने के लिए कितने तत्पर हैं।
मुख्यमंत्री ने मुस्कराते हुए ढाबा संचालक से कहा, "भाई, एक गिलास बढ़िया नींबू पानी मिलेगा... गर्मी बहुत है।" इस पर ढाबा संचालक ने तुरंत नींबू पानी तैयार किया और मुख्यमंत्री को परोसा। मुख्यमंत्री ने बड़े चाव से नींबू पानी पीया और उसके स्वाद की सराहना करते हुए संचालक का उत्साहवर्धन किया। यह पल वहां उपस्थित लोगों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया। कई लोग इस अद्भुत क्षण को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने लगे, जिससे यह दृश्य और भी खास बन गया।
इस मौके पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादवेंद्र गोमा, उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक संजय रत्न और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव चेतन चौहान भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री की इस सादगी और आम जनता से सीधे जुड़ाव की चर्चा हर तरफ हो रही है। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि मुख्यमंत्री केवल एक राजनीतिक नेता नहीं हैं, बल्कि वे जनता के बीच एक मित्र की तरह भी हैं। उनके इस व्यवहार ने लोगों के दिलों में उनके प्रति सम्मान और स्नेह को और बढ़ा दिया है।









