CJP's Ultimatum on FIR Withdrawal: प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR की वापसी पर सीजेपी का अल्टीमेटम

नई दिल्ली से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मंगलवार को प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को वापस लेन
नई दिल्ली से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मंगलवार को प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को वापस लेने के लिए एक अल्टीमेटम जारी किया है। सीजेपी ने कहा है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे फिर से सड़कों पर उतरकर आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। पार्टी ने यह स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पर चल रहे 36 दिवसीय धरने के दौरान सरकार के साथ तीसरे दौर की बातचीत में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई थी। इस बातचीत में सहमति बनी थी कि देशभर में सभी एफआइआर को वापस लिया जाएगा और भविष्य में किसी भी आयोजक या प्रदर्शनकारी पर नए मामले दर्ज नहीं किए जाएंगे। सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस संबंध में केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जीतेंद्र सिंह को एक ड्राफ्ट समझौता सौंपा गया था। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने मंगलवार तक लिखित समझौता साझा करने का वादा किया था, और उन्हें उम्मीद है कि केंद्रीय कैबिनेट मंत्री उस वादे का सम्मान करेंगे।
सीजेपी ने चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार तक लिखित समझौता नहीं मिलता और गिरफ्तार लोगों को रिहा नहीं किया जाता, तो पार्टी दोबारा आंदोलन शुरू करेगी। आशुतोष रंका ने कहा कि इस युवा आंदोलन को कानूनी झमेलों से बचाने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से लगातार सलाह ली जा रही है। सिब्बल ने इस बात की आशंका जताई है कि दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों को निशाना बना सकती है। उन्होंने कहा कि सीजेपी के छात्रों को कानूनी सहायता देने का निर्णय लिया गया है, और जहां-जहां छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज होंगे, वहां उन्हें कानूनी मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए उन्होंने एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की है, ताकि कानूनी लड़ाई प्रभावी ढंग से लड़ी जा सके।









