CJP Protest Achievements: मोहम्मद इरफान बने हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज

जब मोहम्मद इरफान ने बोलना शुरू किया, तो जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (cjp) के प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकार रजत पांडे के रोंगटे खड़े हो गए। इरफान की बातें इ
जब मोहम्मद इरफान ने बोलना शुरू किया, तो जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकार रजत पांडे के रोंगटे खड़े हो गए। इरफान की बातें इतनी प्रभावशाली थीं कि उन्होंने सभी को चौंका दिया। 35 वर्षीय इरफान, जो दिल्ली की एक पुनर्वास कॉलोनी में रहते हैं, ने अपनी अधिकांश जानकारी इंटरनेट के माध्यम से हासिल की। उन्होंने संविधान, लोकतंत्र और मजदूरों के अधिकारों पर अपनी गहरी समझ से सबको प्रभावित किया। इरफान ने अपने इंटरव्यू में भगत सिंह की कविताओं का उल्लेख किया और बताया कि कैसे उन्होंने बिना किसी औपचारिक शिक्षा के इन विषयों पर ज्ञान प्राप्त किया। उनका यह इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे उनकी लोकप्रियता में इजाफा हुआ। इरफान की कहानी ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा का अभाव भी किसी की सोच और समझ को सीमित नहीं कर सकता।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके भले ही इस आंदोलन के चेहरा बने हों, लेकिन इरफान ने अनजाने में इस आंदोलन की आत्मा बनकर सबका ध्यान खींचा। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राहुल गांधी ने उनके घर जाकर उनसे मुलाकात की। इरफान ने बताया कि राहुल गांधी ने उन्हें संसद आने का निमंत्रण दिया और उनकी बहन प्रियंका गांधी से भी फोन पर बात कराई। यह सब इरफान के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी, जो एक साधारण फेरीवाले के रूप में जीवन यापन कर रहे थे। इरफान ने कहा कि वह मजदूरों की आवाज बनना चाहते हैं और उनके मुद्दों को उठाना चाहते हैं।
इरफान ने अपने जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि मजदूरों को उनके हक नहीं मिलते और उन्हें लंबे समय तक काम करने के बावजूद उचित वेतन नहीं मिलता। उन्होंने श्रम कानूनों में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि मजदूरों को उनके काम के अनुसार वेतन मिलना चाहिए। इरफान ने बताया कि उन्होंने गूगल, यूट्यूब और इंटरनेट के माध्यम से अपनी जानकारी जुटाई है। उनका मानना है कि लोकतंत्र में संवाद का होना जरूरी है। इरफान ने कहा कि सिर्फ पेट भर लेना ही जिंदगी नहीं है, बल्कि लोगों को बेहतर जीवन जीने का अधिकार भी होना चाहिए। उनका यह संदेश करोड़ों लोगों तक पहुंचा और उन्होंने यह साबित कर दिया कि शिक्षा और ज्ञान केवल स्कूल से नहीं, बल्कि जीवन के अनुभवों से भी प्राप्त किया जा सकता है।









