CJP Protest and AI Deepfake: पुलिस का दावा- पाकिस्तान और मिडिल ईस्ट से चल रहे थे फर्जी अकाउंट्स

कॉकरोच जनता पार्टी (cjp) द्वारा आयोजित देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर फर्जी और भ्रामक जानकारी फैलाने का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र साइबर
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर फर्जी और भ्रामक जानकारी फैलाने का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र साइबर ने इस संदर्भ में एक विशेष मॉनिटरिंग अभियान चलाया है, जिसमें ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT), मेटाडेटा, सोशल मीडिया अकाउंट्स के व्यवहार और AI द्वारा निर्मित डीपफेक सामग्री की फॉरेंसिक जांच की गई। इस जांच के दौरान, महाराष्ट्र साइबर ने एक ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स के नेटवर्क की पहचान की है, जो गलत और भ्रामक जानकारी फैला रहे थे। इनका उद्देश्य लोगों की राय को प्रभावित करना, भ्रम पैदा करना और कानून-व्यवस्था को बाधित करना था। इसके साथ ही, यह भी पता चला है कि इस तरह के कंटेंट को बढ़ावा देने में भारत के बाहर के असामाजिक तत्वों की भूमिका भी थी। इनमें पाकिस्तान और मिडिल ईस्ट के कुछ देशों से संचालित अकाउंट्स शामिल हैं, जो भारतीय यूजर्स को निशाना बनाकर भ्रामक नैरेटिव को आगे बढ़ा रहे थे। महाराष्ट्र साइबर ने इन अकाउंट्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने के साथ-साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की है।
मॉनिटरिंग के दौरान, Instagram, X, Facebook और YouTube जैसे विभिन्न प्लेटफार्मों पर 429 आपत्तिजनक पोस्ट और हैंडल की पहचान की गई। तकनीकी जांच में यह भी सामने आया कि लगभग 100 अकाउंट भारत के बाहर से संचालित हो रहे थे। इसके अलावा, 140 से अधिक पोस्ट और प्रोफाइल में AI द्वारा निर्मित या AI की सहायता से बनाए गए कंटेंट का उपयोग पाया गया। महाराष्ट्र साइबर के अनुसार, जांच में भीड़ को डिजिटल तरीके से वास्तविकता से अधिक दिखाने वाली तस्वीरें, सिंथेटिक आवाज, क्लोन ऑडियो और सार्वजनिक हस्तियों के नाम से फैलाए गए छेड़छाड़ वाले वीडियो मिले हैं। एक केंद्रीय मंत्री से संबंधित AI जनरेटेड कंटेंट की जांच में ऑडियो में 100 प्रतिशत कॉन्फिडेंस के साथ हेरफेर का पता चला, जो सिंथेटिक या क्लोन की गई आवाज की ओर इशारा करता है। वीडियो की जांच में लगभग 82 प्रतिशत कॉन्फिडेंस के साथ हेरफेर पाया गया, जिसमें जांच किए गए 11 वीडियो सेगमेंट में से 9 को संदिग्ध पाया गया।









