CJP spokesperson Saurav Das: हमें उम्मीद है प्रदर्शनकारियों की रिहाई को लेकर सरकार आज ही लिखित गारंटी देगी

नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर यदि को
नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर यदि कोर्ट युवाओं के हित में काम कर रहा है तो उनकी पार्टी ऐसे आदेशों का स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि छात्रों का प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण था और यह उनका संवैधानिक अधिकार है। इसके साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा कि जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। दास ने यह भी बताया कि उनकी पार्टी की कुछ प्रमुख मांगें हैं, जिनमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सभी एफआईआर वापस लेने की मांग शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार को भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।
सौरव दास ने आगे कहा कि आज, मंगलवार तक, सरकार की ओर से लिखित गारंटी जारी होने की उम्मीद है और सभी हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई की भी उम्मीद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी शर्त या कैवेट के साथ समझौता स्वीकार्य नहीं है। दास ने चेतावनी दी कि यदि सरकार अपना वादा पूरा नहीं करती है, तो उनकी पार्टी दिल्ली में एक बार फिर बड़ा प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन सरकार को उनकी मांगों के 'अतिरिक्त' होना चाहिए। उनकी प्राथमिक मांग यही है कि पहले उनकी मांगें पूरी हों, फिर सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करे।
भाजपा सांसद कंगना रनौत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरव दास ने कहा कि उनकी अपनी पार्टी के सदस्य भी कंगना को गंभीरता से नहीं लेते, तो हम क्यों लें। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी, जैसे जेन-जी और जेन-अल्फा, कंगना को गंभीरता से नहीं लेती क्योंकि अब वह एक राजनेता हैं। दास ने हिमाचल प्रदेश में कंगना के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने सोचा था कि सांसद बनने के बाद काम कम होगा, लेकिन वास्तव में सांसद बनने पर बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इस प्रकार, सौरव दास ने अपनी पार्टी की स्थिति को स्पष्ट करते हुए सरकार से मांग की है कि वह प्रदर्शनकारियों के अधिकारों का सम्मान करे और उनकी मांगों को गंभीरता से ले।









