CNG Availability on Ganga Expressway: गंगा एक्सप्रेसवे पर जल्द मिलेगी सीएनजी की सुविधा

गंगा एक्सप्रेसवे पर सीएनजी की कमी के कारण वाहन मालिकों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। इस एक्सप्रेसवे के पहले पैकेज में 130 किलोमीटर की दूरी पर सीएनजी की उप
गंगा एक्सप्रेसवे पर सीएनजी की कमी के कारण वाहन मालिकों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। इस एक्सप्रेसवे के पहले पैकेज में 130 किलोमीटर की दूरी पर सीएनजी की उपलब्धता न होने के कारण कई सीएनजी से चलने वाले वाहन इस मार्ग का उपयोग करने से कतराते थे। हालांकि, यूपीडा ने इस दूरी में दो रेस्ट एरिया स्थापित किए हैं, जहां पेट्रोल, डीजल, इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, शौचालय और भोजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। लेकिन, सीएनजी की अनुपलब्धता के कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। अब, यूपीडा और संचालनकर्ता एजेंसी के अधिकारियों ने बताया है कि भारत सरकार से सीएनजी की आपूर्ति के लिए अनुमति मिल गई है। जल्द ही दोनों रेस्ट एरिया में सीएनजी की सुविधा उपलब्ध होगी।
गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल को किया था। यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा है और इसे चार पैकेज में बनाया जा रहा है। पहले पैकेज में मेरठ से बदायूं तक 130 किलोमीटर की दूरी शामिल है। इस एक्सप्रेसवे पर सीएनजी की अनुपलब्धता के कारण वाहन मालिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। यूपीडा ने अमरोहा और संभल के पास दो रेस्ट एरिया बनाए हैं, जहां यात्रियों के लिए फूड कोर्ट, शौचालय और वाहनों के लिए ईंधन की सुविधाएं उपलब्ध हैं। लेकिन, सीएनजी पंप की स्थापना में देरी हो गई थी।
यूपीडा और आइआरबी इंफ्रा के अधिकारियों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध के कारण सीएनजी की आपूर्ति में बाधा आई थी। इसी कारण नए स्टेशनों की स्थापना की प्रक्रिया में भी देरी हुई थी। अब भारत सरकार से सीएनजी के लिए अनुमति मिल गई है और जल्द ही दोनों रेस्ट एरिया में सीएनजी स्टेशन कार्य करने लगेंगे। आइआरबी इंफ्रा के मुख्य महाप्रबंधक अनूप सिंह ने बताया कि सीएनजी की आपूर्ति मेघा गैस एजेंसी को आवंटित की गई है। दोनों रेस्ट एरिया में सीएनजी की आपूर्ति के लिए स्टेशन तैयार हैं और पहले टैंकर के माध्यम से गैस उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद ऑनलाइन गैस आपूर्ति की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।









