CNG Supply Issues in Patna: पटना में CNG भरवाने के लिए करवा पड़ता है घंटों इंतजार

पटना में सीएनजी से चलने वाले वाहनों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसके कारण शहर के प्रमुख सीएनजी स्टेशनों पर भारी दबाव बढ़ गया है। राजधानी में 41 सीए
पटना में सीएनजी से चलने वाले वाहनों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसके कारण शहर के प्रमुख सीएनजी स्टेशनों पर भारी दबाव बढ़ गया है। राजधानी में 41 सीएनजी स्टेशन होने के बावजूद, फ्रेजर रोड, बेली रोड, राजाबाजार, ट्रांसपोर्ट नगर और गर्दनीबाग जैसे प्रमुख पंपों पर वाहन चालकों को सीएनजी भरवाने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। सुबह और शाम के पीक आवर में, कई बार वाहन चालकों को आधे घंटे से लेकर एक घंटे तक लाइन में लगना पड़ता है। प्रतिदिन लगभग 35 से 40 हजार सीएनजी ऑटो, एक हजार कैब, 10 हजार निजी वाहन और करीब 100 सीएनजी बसों में ईंधन भरा जाता है, जिससे शहर के व्यस्त स्टेशनों पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
गेल (इंडिया) लिमिटेड के महाप्रबंधक एके सिन्हा ने बताया कि पटना और आसपास के सीएनजी नेटवर्क में प्रतिदिन लगभग 1.40 लाख स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (एससीएम) सीएनजी की खपत हो रही है। उन्होंने कहा कि राजधानी में सीएनजी वाहनों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, और इसके साथ ही गैस की मांग भी बढ़ रही है। कंपनी इस बढ़ती जरूरत को देखते हुए नेटवर्क विस्तार और उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि शहर में कई नए सीएनजी स्टेशन शुरू किए गए हैं और भविष्य में भी मांग के अनुरूप रिफ्यूलिंग नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा, ताकि वाहन चालकों को अधिक सुविधा मिल सके।
पटना में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, गेल और रिलायंस के कुल 41 सीएनजी स्टेशन संचालित हैं। इनमें से कई स्टेशन नौबतपुर, बिहटा, मनेर, बाढ़, मोकामा, मसौढ़ी और अथमलगोला जैसे बाहरी इलाकों में स्थित हैं। इसके बावजूद, अधिकांश वाहन चालक अपनी दैनिक आवाजाही के दौरान शहर के बीच स्थित स्टेशनों पर ही सीएनजी भरवाना पसंद करते हैं। यही कारण है कि फ्रेजर रोड, बेली रोड, राजाबाजार, दीघा, ट्रांसपोर्ट नगर और गर्दनीबाग के स्टेशनों पर सबसे अधिक भीड़ रहती है। ऑटो और टैक्सी चालकों का कहना है कि सीएनजी सस्ता और पर्यावरण अनुकूल ईंधन होने के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में केवल नए स्टेशन खोलना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि व्यस्त स्टेशनों पर अतिरिक्त डिस्पेंसर लगाने और उनकी रिफ्यूलिंग क्षमता बढ़ाने की भी आवश्यकता है। यदि समय रहते बुनियादी ढांचे का विस्तार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में सीएनजी भरवाने का इंतजार और लंबा हो सकता है।











