Commonwealth Games 2026: शर्मिला धनखड़ के गोल्ड पर बेटियों को गर्व, बोलीं- अब हमारी बारी, देश के लिए जीतेंगे मेडल

कॉमनवेल्थ पैरा खेलों की महिला एफ-57 शॉटपुट स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली शर्मिला धनखड़ ने न केवल अपने परिवार का बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। उनकी इस
कॉमनवेल्थ पैरा खेलों की महिला एफ-57 शॉटपुट स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली शर्मिला धनखड़ ने न केवल अपने परिवार का बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उनकी दोनों बेटियों ने गर्व व्यक्त किया है। अनुज, जो जैवलिन थ्रो की खिलाड़ी हैं, ने कहा कि उनकी मां की मेहनत और संघर्ष ने उन्हें प्रेरित किया है। अनुज और लक्ष्मी, जो लॉन्ग जंप में अपने करियर को संवारने में जुटी हैं, ने कहा कि उनकी मां ने कठिनाइयों का सामना करते हुए जो सफलता हासिल की है, वह उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। शर्मिला की जीत वर्षों की मेहनत और अटूट हौसले का परिणाम है, और उनकी बेटियों का सपना भी अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करना है। शर्मिला ने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना किया है, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनकी बेटियों का कहना है कि मां की संघर्ष की कहानी ने उन्हें नई ताकत दी है। वे भी मां की तरह मेहनत और समर्पण से अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
शर्मिला का जीवन कई चुनौतियों से भरा रहा है। 26 वर्ष की उम्र में उनकी पहली शादी टूट गई थी, जिसके बाद उन्होंने अपने दो बेटियों के साथ मायके लौटने का फैसला किया। इसके बाद, 28 वर्ष की उम्र में उन्होंने अजीत से दूसरी शादी की, जिन्होंने हर परिस्थिति में उनका साथ दिया। अजीत ने ही शर्मिला को पैरा एथलेटिक्स में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शर्मिला की मेहनत और संघर्ष ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। शर्मिला ने हरियाणा रोडवेज में नौकरी पाने के लिए भी संघर्ष किया, लेकिन हड़ताल के दौरान उनकी नौकरी चली गई। इस घटना ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया, लेकिन उन्होंने ठान लिया कि अब ऐसा मुकाम हासिल करेंगी जिसे कोई उनसे छीन न सके।









