Compensation for Operator's Family: ऑपरेटर के परिजनों को मिलेगा 10.68 लाख रुपये का मुआवजा

धर्मशाला। कर्मचारी क्षतिपूर्ति आयुक्त एवं वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश धर्मशाला, डॉ. हकीकत ढांडा ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है जिसमें उन्होंने ड्यूटी क
धर्मशाला। कर्मचारी क्षतिपूर्ति आयुक्त एवं वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश धर्मशाला, डॉ. हकीकत ढांडा ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है जिसमें उन्होंने ड्यूटी के दौरान एक दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले जेसीबी मशीन ऑपरेटर राकेश कुमार के परिजनों को मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह मृतक के आश्रितों को 10,68,950 रुपये का मुआवजा राशि अदा करे। इसके साथ ही, इस राशि पर 27 फरवरी, 2017 से लेकर भुगतान की तिथि तक 12 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी दिया जाएगा। यह मुआवजा राशि मृतक की पत्नी, उनके नाबालिग पुत्र और माता के बीच समान हिस्सों में बांटी जाएगी, जिससे परिवार को आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
मामले के अनुसार, राकेश कुमार जवाली तहसील के मतलाहड़ निवासी थे और पंजाब में एक क्रशर में जेसीबी मशीन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे। उन्हें आवश्यकता पड़ने पर क्रशर का ट्रैक्टर-ट्रॉली भी चलाने का कार्य सौंपा गया था। 26-27 फरवरी 2017 की मध्यरात्रि को, ड्यूटी के दौरान पंजाब के एसएएस नगर जिले के माजरी थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद, मृतक की पत्नी रजनी कुमारी, उनके नाबालिग बेटे और माता ने कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत मुआवजे की मांग के लिए याचिका दायर की थी।
अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि राकेश कुमार की मृत्यु नौकरी के दौरान हुई थी और यह सीधे तौर पर उनके रोजगार से जुड़ी एक दुर्घटना थी। सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष अनुपस्थित रहा और उनकी ओर से कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। अदालत ने सभी उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों का गहन परीक्षण करने के बाद पीड़ित परिवार को यह राहत प्रदान की। इस निर्णय से न केवल मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि यह भी दर्शाता है कि न्यायालय श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के प्रति गंभीर है।









