Consumer Rights Case: उपभोक्ता को नया एसी दें या 53 हजार ब्याज सहित लौटाएं

फर्रुखाबाद में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है, जिसमें खराब एयर कंडीशनर बेचने और उपभोक्ता की शिकायतों के बावजूद उसे ठीक न कर
फर्रुखाबाद में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है, जिसमें खराब एयर कंडीशनर बेचने और उपभोक्ता की शिकायतों के बावजूद उसे ठीक न करने के मामले में विक्रेता और निर्माता को दोषी ठहराया गया है। यह मामला फतेहगढ़ के हाथीखाना निवासी हाजी समीउल्ला खां द्वारा दायर की गई शिकायत से संबंधित है। आयोग ने विक्रेता मेसर्स लक्ष्मी इलेक्ट्रॉनिक्स और निर्माता जॉनसन कंट्रोल्स-हिताची एयर कंडीशनिंग इंडिया लिमिटेड के खिलाफ सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का आरोप लगाया। आयोग के अध्यक्ष नरेश कुमार, सदस्य नाजरीन बेगम और विपिन कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने इस मामले में सुनवाई के बाद आदेश दिया कि विपक्षी 45 दिनों के भीतर उपभोक्ता को उसी ब्रांड और मॉडल का नया एयर कंडीशनर उपलब्ध कराएं। यदि ऐसा करना संभव न हो, तो उन्हें एसी की कीमत 53,000 रुपये, जो कि 4 जून 2019 से अदायगी तक 7 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित लौटानी होगी। इसके अलावा, मानसिक एवं शारीरिक क्षति के लिए 5,000 रुपये और वाद व्यय के 5,000 रुपये भी अदा करने का आदेश दिया गया है।
उपभोक्ता ने जून 2018 में एसी और स्टेब्लाइजर खरीदा था, लेकिन कुछ ही दिनों में एसी ने कूलिंग करना बंद कर दिया। इस स्थिति में उपभोक्ता ने विक्रेता से संपर्क किया, लेकिन उनकी शिकायतों का समाधान नहीं किया गया। आयोग ने उपभोक्ता द्वारा प्रस्तुत खरीद बिल, वारंटी कार्ड, शिकायतों के रिकॉर्ड और शपथपत्रों को ध्यान में रखते हुए उनकी दलीलों को सही ठहराया। आयोग ने यह स्पष्ट किया कि उपभोक्ता के अधिकारों का उल्लंघन किया गया है और उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए। यह निर्णय उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और यह दर्शाता है कि उपभोक्ता विवाद निवारण प्रणाली कितनी प्रभावी हो सकती है।









