Corruption Case in UP: यूपी में सिंचाई विभाग के पांच इंजीनियरों पर FIR, 16 करोड़ रुपये के घोटाले में विजिलेंस की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के लखनऊ से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां विजिलेंस ने सिंचाई विभाग के पांच इंजीनियरों सहित कुल छह लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में मुकदम
उत्तर प्रदेश के लखनऊ से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां विजिलेंस ने सिंचाई विभाग के पांच इंजीनियरों सहित कुल छह लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि इन इंजीनियरों ने नहर में डिवाटरिंग के काम को लेकर ठेकेदार के साथ मिलकर सरकार को 16.68 करोड़ रुपये का चूना लगाया। यह मामला वर्ष 2022 में बिजनौर और आस-पास के क्षेत्र में ऊपरी गंगा नहर आधुनिकीकरण परियोजना से जुड़ा हुआ है। सरकार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विजिलेंस को जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। विजिलेंस की जांच में पाया गया कि आरोपित इंजीनियरों ने ठेकेदार राजबीर सिंह के साथ मिलकर डिवाटरिंग का काम 27 रुपये प्रति केडब्ल्यूएच की दर से कराने के बजाय 38, 40 और 41 रुपये में कराया। इस प्रकार, उन्होंने सरकारी धन का दुरुपयोग किया।
विजिलेंस द्वारा की गई जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित इंजीनियरों ने ठेकेदार को कई चरणों में भुगतान किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह सब एक सुनियोजित तरीके से किया गया था। विजिलेंस के निरीक्षक रतन लाल कन्नौजिया और उनकी टीम ने इस मामले की गहराई से जांच की और भ्रष्टाचार की पुष्टि की। इसके बाद सभी छह आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में आगे की जांच जारी है, और यह देखा जाएगा कि क्या और भी लोग इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं। इस घटना ने सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार की समस्या को एक बार फिर से उजागर किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।









