Court Acquits Daya Shankar: बिकरू कांड में दयाशंकर को कोर्ट ने दोषमुक्त किया

कानपुर में बिकरू कांड से जुड़े मामले में अपर जिला जज कुमार तिवारी की कोर्ट ने दयाशंकर अग्निहोत्री को पुलिस मुठभेड़ के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। यह फैसला उस
कानपुर में बिकरू कांड से जुड़े मामले में अपर जिला जज कुमार तिवारी की कोर्ट ने दयाशंकर अग्निहोत्री को पुलिस मुठभेड़ के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। यह फैसला उस समय आया जब अभियोजन पक्ष अपने आरोपों को साबित करने में असफल रहा। दयाशंकर को कल्याणपुर पुलिस ने बिकरू कांड के बाद दो जुलाई 2020 को शिवली रोड पर मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था। इस मुठभेड़ में पुलिस ने दावा किया था कि दयाशंकर ने पुलिस पर फायरिंग की थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके पास से एक असलहा भी बरामद किया था। इस मामले में दयाशंकर पर हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 की रात गैंगस्टर विकास दुबे ने पुलिस टीम पर हमला कर सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में दयाशंकर को मुख्य आरोपित माना था और उसके खिलाफ 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। पुलिस का कहना था कि दयाशंकर मुठभेड़ के दौरान आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर गोलीबारी कर रहा था। लेकिन कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष अपने गवाहों के बयानों को सही साबित नहीं कर सका। अदालत ने यह भी कहा कि गवाहों के बयान में विरोधाभास था, जिससे दयाशंकर को इसका लाभ मिला।
इस मामले की सुनवाई एडीजे 16 की कोर्ट में चल रही थी, जहां अधिवक्ता अश्वनी त्रिपाठी ने बताया कि 13 जुलाई को अंतिम बहस पूरी की गई थी। अभियोजन ने नौ गवाहों को पेश किया था, लेकिन कोर्ट ने सोमवार को अपना निर्णय सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पुलिस की कहानी को साबित नहीं कर सका। दयाशंकर को 8 जनवरी 2021 को आरोप तय किए गए थे और 15 अप्रैल 2023 को अभियोजन ने अपने साक्ष्य पेश किए थे। कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस मुठभेड़ की कहानी में कई खामियां थीं, जिसके चलते दयाशंकर को आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया गया।









