Court Convicts Synthetic Color Offender: पीलीभीत कोर्ट ने कचरी में सिंथेटिक रंग मिलाने वाले को दोषी करार दिया

पीलीभीत में एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय में, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुंदर पाल ने कचरी में घातक कृत्रिम रंग मिलाने के आरोप में एक व्यक्ति को दोषी करार दिय
पीलीभीत में एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय में, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुंदर पाल ने कचरी में घातक कृत्रिम रंग मिलाने के आरोप में एक व्यक्ति को दोषी करार दिया है। इस मामले में दोषी को छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई गई है, साथ ही उसे एक लाख 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यदि दोषी अर्थदंड का भुगतान नहीं करता है, तो उसे डेढ़ महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला खाद्य सुरक्षा से संबंधित है, जिसमें यह साबित हुआ कि आरोपी ने मानव उपभोग के लिए हानिकारक रंग का प्रयोग किया।
इस मामले की शुरुआत 17 मार्च 2019 को हुई, जब खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुभाष बाबू यादव ने थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के ग्राम गायबोझ में कचरी निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने पाया कि कचरी को मानव उपभोग और सार्वजनिक बिक्री के लिए रंगीन किया गया था। मौके पर मौजूद व्यक्ति ने अपना नाम राजेश बताया। अधिकारियों ने संदेह के आधार पर कचरी का नमूना लिया और उसे प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि कचरी में नान परमिटेबल सिंथेटिक कलर रोड़ामाइन बी का प्रयोग किया गया था, जो मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
न्यायालय ने सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को सुना और पत्रावली का अवलोकन किया। इसके बाद, न्यायालय ने राजेश को दोषी करार देते हुए उसे सजा सुनाई। इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि खाद्य सुरक्षा से संबंधित मामलों में न्यायालय कितनी गंभीरता से कार्यवाही करता है। यह मामला खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की सतर्कता और न्यायालय की सख्ती को दर्शाता है, जो कि समाज में स्वास्थ्य और सुरक्षा के मानकों को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। इस निर्णय से यह संदेश भी जाता है कि ऐसे मामलों में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और सभी को अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए।









