Court denies bail in Ghaziabad: फर्जी वीजा और दस्तावेज बनाकर ठगी का मामला गंभीर, जांच जारी

गाजियाबाद में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार दो आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिली है। अपर जिला एवं सत्
गाजियाबाद में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार दो आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिली है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मांगेराम उर्फ अनुज कुमार और रणवीर की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए कहा कि मामला गंभीर प्रकृति का है। अदालत ने यह भी बताया कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है। ऐसे में उन्हें जमानत पर रिहा करना उचित नहीं होगा। अभियोजन के अनुसार, कौशांबी निवासी आकाश वालिया की शिकायत पर यह मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया कि एक एजेंट, जिसका नाम उस्मान खान है, ने चार लोगों से कुल 1.86 लाख रुपये लिए थे। यह राशि फिनो पेमेंट्स बैंक के एक खाते में जमा कराई गई थी। बाद में आरोपियों ने पीड़ितों को फर्जी वीजा और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए, जो जांच में फर्जी पाए गए। इसके अलावा, पीड़ितों के पासपोर्ट भी आरोपितों ने अपने कब्जे में रख लिए थे।
पुलिस की जांच में मांगेराम उर्फ अनुज कुमार और रणवीर की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद उन्हें आरोपी बनाया गया। जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि दोनों निर्दोष हैं और उन्होंने किसी से रुपये नहीं लिए। साथ ही, उनका किसी फर्जी दस्तावेज की तैयारी में कोई हाथ नहीं था। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि दोनों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि दोनों आरोपी एक संगठित गिरोह का हिस्सा हैं, जो फर्जी वीजा, हवाई टिकट और नियुक्ति पत्र तैयार कर विदेश भेजने के नाम पर लोगों से ठगी करता था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लैपटॉप, प्रिंटर, डेस्कटॉप, सीपीयू और 64 पासपोर्ट बरामद किए थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वे फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से धोखाधड़ी कर रहे थे।









