Court orders status report: 1.81 करोड़ गबन मामले में हाई कोर्ट ने विजिलेंस से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर की जांच को लेकर पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से स्टेटस रिपोर्ट मांगी ह
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर की जांच को लेकर पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने दिया है, जो कि गांव मंडौली, जिला पटियाला के पूर्व सरपंच इकबाल सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में एफआईआर की आगे की जांच को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि मामले के मुख्य आरोपित अरुण शर्मा का नाम एफआईआर दर्ज होने के लगभग 18 महीने तक शामिल नहीं किया गया था। यह स्थिति इस बात को दर्शाती है कि जांच में कुछ गंभीर खामियां हो सकती हैं। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत में दलील दी कि अरुण शर्मा, जो उस समय फिरोजपुर में अतिरिक्त उपायुक्त (विकास) के पद पर तैनात थे, अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शर्मा ने अदालत से अंतरिम राहत प्राप्त करने के लिए गलत बयान दिया कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत कोई स्वीकृति नहीं दी गई है। यह आरोप मामले की गंभीरता को और बढ़ाता है।
याचिकाकर्ता ने अदालत को यह भी बताया कि जब तक एफआईआर की आगे की जांच सीबीआई को नहीं सौंपी जाती, तब तक असली दोषियों को कानून के कठघरे में लाना संभव नहीं होगा। याचिका में यह भी कहा गया है कि अरुण शर्मा ने अपनी अधीनस्थ डाटा एंट्री ऑपरेटर जसप्रीत कौर के साथ मिलकर 1.81 करोड़ रुपये के सरकारी धन का गबन किया। यह मामला न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे कुछ अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर सकते हैं। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो को मामले की जांच की वर्तमान स्थिति से अवगत कराने के लिए विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई पर इस रिपोर्ट और याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए आरोपों पर विचार किया जाएगा। यह सुनवाई इस मामले में न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।









