Court Ruling on Compassionate Appointment: पिता की मौत के 25 साल बाद बेटे को मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी कर्मचारी की नौकरी के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उ
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी कर्मचारी की नौकरी के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को अनुकंपा आधार पर नौकरी देने की जिम्मेदारी नियोक्ता की होती है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की एकलपीठ ने बीबीएमबी को आदेश दिया है कि वह याचिकाकर्ता नवीन कुमार को अनुकंपा आधार पर नौकरी प्रदान करे। यह मामला उस समय का है जब नवीन के पिता अमर सिंह, जो सुंदरनगर में बीबीएमबी के तहत नियमित बेलदार के रूप में कार्यरत थे, 21 दिसंबर 2001 को अपनी सेवाओं के दौरान निधन हो गए थे। उस समय नवीन की उम्र केवल 13 वर्ष थी और उनके परिवार में दो नाबालिग बहनें थीं। उनकी मां की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी, जिससे परिवार की स्थिति और भी कठिन हो गई थी।
नवीन कुमार ने बालिग होने के बाद 2016 में अनुकंपा आधार पर नौकरी के लिए आवेदन किया था, लेकिन विभाग ने 24 जून 2025 को उनके आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उन्होंने पिता की मृत्यु के बाद बहुत लंबा समय बर्बाद कर दिया है। विभाग का तर्क था कि अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन अधिकतम दो वर्ष के भीतर किया जाना अनिवार्य है। इस आदेश के खिलाफ नवीन ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। अदालत ने विभाग के तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि चूंकि कर्मचारी एक बेलदार था और उसकी मृत्यु के समय बच्चे नाबालिग थे, इसलिए उन्हें इस कानूनी अधिकार की जानकारी न होने का लाभ मिलना चाहिए।
कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि विभाग ने परिवार को अनुकंपा नियुक्ति के अधिकार के बारे में सूचित नहीं किया, तो वह अपनी लापरवाही का खामियाजा परिवार को नहीं भुगतने दे सकता। अदालत ने विभाग के आदेश को रद करते हुए प्रबंधन को निर्देश दिया कि नवीन कुमार की योग्यता और उसके पिता के पद को ध्यान में रखते हुए उसे अनुकंपा आधार पर तुरंत नियुक्ति पत्र जारी किया जाए। यह नियुक्ति याचिकाकर्ता द्वारा पहली बार अदालत में रिट याचिका दायर करने की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी। इस निर्णय से न केवल नवीन कुमार को न्याय मिला है, बल्कि यह भी स्पष्ट हुआ है कि नियोक्ता को अपने कर्मचारियों के परिवारों के प्रति जिम्मेदारी निभानी चाहिए।











