Courtroom Incident: पटना में शराब के नशे में वकील पकड़े गए

पटना उच्च न्यायालय में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जहां दो युवा वकील शराब के नशे में पाए गए। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के छज्जूबाग स्थित जज आवास परिसर में
पटना उच्च न्यायालय में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जहां दो युवा वकील शराब के नशे में पाए गए। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के छज्जूबाग स्थित जज आवास परिसर में हुई। पुलिस ने दोनों वकीलों को हिरासत में लिया, जिसके बाद उन्हें कोर्ट में जुर्माना के बाद छोड़ दिया गया। इस घटना ने न केवल न्यायालय की गरिमा को ठेस पहुंचाई है, बल्कि यह भी दर्शाया है कि कुछ वकील अपने पेशे की जिम्मेदारियों को गंभीरता से नहीं लेते। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई उस समय की गई जब दोनों वकील छात्रों के एक उग्र प्रदर्शन के दौरान उनके पक्ष में पैरवी करने आए थे। प्रदर्शनकारियों की हिंसक झड़पों के बाद कई छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिनमें से कुछ को पीआर बांड पर छोड़ दिया गया था। हालांकि, जो छात्र हिंसा में शामिल थे, उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही थी।
जब मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) के समक्ष मामले की सुनवाई शुरू हुई, तब दोनों वकीलों ने अपनी बहस शुरू की। लेकिन, अदालत में मौजूद लोगों और न्यायाधीश को अचानक से दोनों वकीलों के मुंह से शराब की तेज दुर्गंध आई। यह स्थिति बेहद गंभीर थी और न्यायालय ने तुरंत दोनों वकीलों की अल्कोहल जांच कराने का आदेश दिया। जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि दोनों वकील शराब का सेवन कर चुके थे। इस घटना ने न केवल न्यायालय के वातावरण को प्रभावित किया, बल्कि यह भी दर्शाया कि कुछ वकील अपने पेशेवर आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं।
इस घटना के बाद, न्यायालय ने वकीलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। यह मामला केवल पटना उच्च न्यायालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे पूरे न्यायिक प्रणाली पर सवाल उठते हैं। क्या वकील अपने पेशे के प्रति गंभीर हैं? क्या उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का एहसास है? इस घटना ने न्यायालय की गरिमा को ठेस पहुंचाई है और यह दर्शाया है कि कुछ वकील अपने कर्तव्यों को निभाने में असफल हो रहे हैं। पुलिस और न्यायालय दोनों ही इस मामले की गंभीरता को समझते हुए उचित कार्रवाई करने के लिए तत्पर हैं।









