Crackdown on Drug Traffickers: श्रीनगर में 5.60 करोड़ की संपत्तियां कुर्क
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जम्मू-कश्मीर में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और तेज करते हुए श्रीनगर पुलिस ने रविवार को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की। इस कार्रवाई में पुलिस ने मादक प
जम्मू-कश्मीर में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और तेज करते हुए श्रीनगर पुलिस ने रविवार को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की। इस कार्रवाई में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित लगभग 5.60 करोड़ रुपये मूल्य की आठ अचल संपत्तियों को कुर्क किया। पुलिस का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करना और अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाना है। यह कार्रवाई एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 68एफ के तहत की गई है, जिसमें सात संपत्तियां थाना छन्नपोरा और एक संपत्ति थाना सद्दर क्षेत्र में कुर्क की गई हैं। इन संपत्तियों को मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध आय से खरीदी गई संपत्तियों के रूप में चिन्हित किया गया है। आवश्यक मामलों में कुर्की की कार्रवाई सक्षम प्राधिकारी की पुष्टि के अधीन रहेगी।
छन्नपोरा क्षेत्र में जिन लोगों की संपत्तियां कुर्क की गई हैं, उनमें मोहम्मद यासीन राथर, सुहैल राशिद हारून, मोहम्मद आसिफ राथर, अरसलान सैयद बेग, हिलाल अहमद पर्रे, दानिश रियाज शाह और साकिब नसीर बेग शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत अलग-अलग मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, सद्दर थाना क्षेत्र में एसडी कॉलोनी, नटिपोरा निवासी शाहीम फारूक बट का लगभग 80 लाख रुपये मूल्य का आवासीय मकान भी कुर्क किया गया है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
श्रीनगर पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि नशा तस्करी के सिंडिकेट की आर्थिक रीढ़ तोड़ना पुलिस की प्राथमिकता है। अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों को जब्त कर तस्करी के नेटवर्क को कमजोर किया जा रहा है। यह कदम यह संदेश भी देता है कि अपराध से अर्जित संपत्ति सुरक्षित नहीं रह सकती। पुलिस ने आम लोगों से भी नशा तस्करी से संबंधित किसी भी सूचना को साझा करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी डर के अपनी जानकारी साझा कर सकें। इस प्रकार की कार्रवाई से न केवल नशा तस्करों को कड़ा संदेश मिलता है, बल्कि समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता भी बढ़ती है।









