Crackdown on Urea Black Marketing: बलरामपुर में विक्रेता का लाइसेंस रद किया गया

बलरामपुर में यूरिया की कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। हाल ही में विकास खंड गैंडास बुजुर्ग में मेसर्स यादव ट्रेडर्स के प्रोपराइटर मुकेश कुमा
बलरामपुर में यूरिया की कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। हाल ही में विकास खंड गैंडास बुजुर्ग में मेसर्स यादव ट्रेडर्स के प्रोपराइटर मुकेश कुमार यादव पर यूरिया की बिक्री में अनियमितता और अधिक मूल्य पर बिक्री करने का आरोप लगा है। इस मामले में प्रशासन ने विक्रेता का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिया है। किसानों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए छापेमारी तेज कर दी थी। जिले के किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने निगरानी शुरू कर दी है। जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार ने बताया कि रविवार को गैंडास बुजुर्ग के ग्राम जनकपुर बैरियर स्थित मैसर्स यादव ट्रेडर्स का निरीक्षण किया गया। जैसे ही टीम वहां पहुंची, संचालक मुकेश कुमार यादव दुकान बंद कर मौके से फरार हो गया। इस घटना ने प्रशासन के समक्ष कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
विक्रेता के अचानक दुकान बंद कर भाग जाने के कारण टीम को उपलब्ध उर्वरक स्टॉक, पीओएस मशीन, विक्रय अभिलेख, स्टॉक रजिस्टर और वितरण संबंधी दस्तावेजों की जांच करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। दुकान के पास विक्रेता के पिता उपस्थित थे, जिनसे उर्वरक की उपलब्धता और बिक्री दर के बारे में जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। मौके पर उपस्थित किसानों से भी पूछताछ की गई। ग्राम बसंतपुर के कृषक रमेश कुमार यादव ने बताया कि उन्होंने विक्रेता से एक बोरी यूरिया के साथ एक किग्रा जिंक खरीदा था, जिसके लिए विक्रेता ने उनसे 400 रुपये लिए। इस बयान से यह स्पष्ट हुआ कि विक्रेता द्वारा यूरिया निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बेचा जा रहा था।









