Creation of Homeopathic Doctor Positions in Bihar: EBC वर्ग के लिए 26 होम्योपैथिक चिकित्सक पदों का सृजन

बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने होमियोपैथिक चिकित्सकों के 26 नए पदों का सृजन किया है, जिसमें 25 पद होमियोपैथिक चिकित्सा पदाधिकारियों के हैं और एक पद आयुष फिजिशियन ह
बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने होमियोपैथिक चिकित्सकों के 26 नए पदों का सृजन किया है, जिसमें 25 पद होमियोपैथिक चिकित्सा पदाधिकारियों के हैं और एक पद आयुष फिजिशियन होमियोपैथ का है। ये सभी पद अति-पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इन नए पदों का सृजन तांती (ततवा) समाज के आरक्षण की श्रेणी में बदलाव के कारण किया गया है। पहले तांती समाज को अति-पिछड़ा वर्ग में रखा गया था, लेकिन नीतीश कुमार के शासन में इसे अनुसूचित जाति में शामिल कर लिया गया था। यह मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचा, जहां से आदेश मिलने के बाद तांती को फिर से अति-पिछड़ा वर्ग में शामिल किया गया। इस बदलाव के चलते होमियोपैथिक चिकित्सकों की नियुक्ति और पद सृजन का यह मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग ने तांती समाज के अभ्यर्थियों की प्रतिनियुक्ति होमियोपैथिक चिकित्सकों के 26 पदों पर की थी, जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों पर हुई थी। सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद इन चिकित्सकों को अति-पिछड़ा वर्ग में स्थानांतरित करना पड़ा, जहां पहले से कोई रिक्ति नहीं थी। इस स्थिति के मद्देनजर अति-पिछड़ा वर्ग के लिए होमियोपैथिक चिकित्सकों के 26 पदों के सृजन की आवश्यकता उत्पन्न हुई है। इस प्रक्रिया के साथ ही अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित पदों पर समाज विशेष के योग्य चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति भी की जा रही है।
बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में डॉ. अनिल शांडिल्य को परीक्षा नियंत्रक का दायित्व सौंपा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। डॉ. शांडिल्य वर्तमान में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में एफएमटी विभाग में प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें नए दायित्व के लिए पीएमसीएच से अविलंब कार्यमुक्त किया जाएगा। यह बदलाव स्वास्थ्य विभाग के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह न केवल चिकित्सकीय सेवाओं में सुधार लाएगा, बल्कि स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रक्रिया को भी सुचारू बनाएगा।









