Fraud in Crypto Investment: क्रिप्टो निवेश के नाम पर ठगी, पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर ठगी करने का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें साइबर थाना पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर आरोप है कि
क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर ठगी करने का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें साइबर थाना पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप के माध्यम से लोगों को मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 70 लाख रुपये की ठगी की। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक ऐसा डिजिटल वॉलेट और मोबाइल एप तैयार किया, जिसमें उन्होंने निवेश और मुनाफे का फर्जी आंकड़ा दिखाकर पीड़ितों का भरोसा जीता। इसके बाद, उन्होंने अलग-अलग किस्तों में पीड़ितों से बड़ी रकम निवेश करवाई। जब पीड़ितों ने अपनी निवेश की राशि वापस मांगी, तो आरोपी टालमटोल करने लगे और अंततः संपर्क तोड़ लिया। इस प्रकार, आरोपियों ने अपनी चालाकी से लोगों को ठगा और लाखों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों की पहचान की है, जिनमें सुशील कुमार (यमुनानगर), उधम सिंह (करनाल), संजीव कुमार (कुरुक्षेत्र) और राजेश कुमार (करनाल) शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने अपने फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई लोगों को ठगा है और अब वे गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रहे हैं। इसके अलावा, पुलिस ठगी के शिकार लोगों की संख्या और उनके द्वारा किए गए लेनदेन की जांच भी कर रही है। साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और लोगों को ऐसे फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म से सावधान रहना चाहिए। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के निवेश करने से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए पुलिस ने कई कदम उठाए हैं, ताकि लोग ऐसे ठगों के जाल में न फंसें। इस मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस ठगी के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई कर रही है।









