Cyber Crime: 70 करोड़ के साइबर सिंडिकेट में दो बैंक मैनेजर समेत 10 पकड़े, ठगी में म्यूल बैंक अकाउंट इस्तेमाल

मध्य जिला साइबर थाना पुलिस ने हाल ही में एक बड़े साइबर ठगी के मामले का पर्दाफाश किया है, जिसमें 70 करोड़ रुपये की ठगी में शामिल एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय
मध्य जिला साइबर थाना पुलिस ने हाल ही में एक बड़े साइबर ठगी के मामले का पर्दाफाश किया है, जिसमें 70 करोड़ रुपये की ठगी में शामिल एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय म्यूल बैंक अकाउंट सिंडिकेट का खुलासा हुआ है। इस मामले में सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक और इंडसइंड बैंक के एक-एक मैनेजर समेत कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि इनमें से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि चार अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने 248 म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल करते हुए 70 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। पुलिस के अनुसार, अब तक करीब 20 करोड़ रुपये की साइबर ठगी इन खातों से जुड़ी हुई पाई गई है। पुलिस ने आरोपियों के खातों में मौजूद 56 लाख रुपये को फ्रीज कर दिया है। इसके अलावा, पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लाख रुपये नकद, एक ब्रेजा कार, 248 बैंक अकाउंट किट, 38 सिम कार्ड, 22 मोबाइल फोन, 28 फर्जी कंपनियों की मुहरें और 55 डेबिट व क्रेडिट कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि इस मामले की शुरुआत तब हुई जब पटेल नगर के पंजाबी बस्ती निवासी एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर वर्क फ्रॉम होम और फ्रीलांसिंग जॉब का झांसा देकर 10 हजार रुपये ठगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पता चला कि ठगी की रकम में से पांच हजार रुपये डेमियन ट्रेडर्स नामक एक फर्जी कंपनी के एक्सिस बैंक के करंट अकाउंट में जमा हुए थे। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने 8 जुलाई को मोहित सोनी नामक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह ने पहले लोगों के दस्तावेज हासिल किए और इनके आधार पर शेल कंपनियां बनाकर बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से करंट अकाउंट खोले। इसके बाद इंटरनेट बैंकिंग, चेकबुक, डेबिट कार्ड, पासबुक, फर्जी कंपनी की मुहर और रजिस्टर्ड सिम के साथ तैयार अकाउंट किट साइबर ठगों को बेची जाती थी।









