Cyber Fraud in Kanpur: सीए से ठगे 2.66 लाख रुपये, एसीपी बनकर किया गया शिकार

कानपुर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) प्रशांत कुमार गुप्ता को साइबर ठगों ने एसीपी बनकर ठगी का शिकार बनाया। घटना शनिवार रा
कानपुर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) प्रशांत कुमार गुप्ता को साइबर ठगों ने एसीपी बनकर ठगी का शिकार बनाया। घटना शनिवार रात की है, जब प्रशांत के मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एसीपी प्रमोद कुमार राठौर बताते हुए कहा कि प्रशांत गंदी फिल्में देखते हैं और मामले को खत्म करने के लिए उन्हें फार्म 31 भरना होगा। इसके बाद ठग ने उन्हें 2,000 रुपये की सिक्योरिटी फीस भेजने के लिए कहा। प्रशांत ने डर के मारे ठग के कहने पर पैसे ट्रांसफर कर दिए। लेकिन ठगी यहीं खत्म नहीं हुई। ठग ने वीडियो कॉल कर प्रशांत को एक डीसीपी से भी मिलवाया और फिर से पैसे मांगने लगा। इस तरह से उन्होंने प्रशांत से कुल 2.66 लाख रुपये ठग लिए।
प्रशांत ने बताया कि जब उन्हें ठगी का अहसास हुआ, तब उन्होंने अपने पिता के साथ पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल से संपर्क किया। पुलिस आयुक्त ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने ठग को मैसेज करने को कहा कि वह रुपये की व्यवस्था के लिए बैंक आए हुए हैं। इसके बाद ठग ने फिर से कॉल की और पुलिस आयुक्त के सामने पैसे की मांग की। ठग ने कहा कि उनकी टीम इटावा के एक होटल में है और फाइल क्लोज करने के लिए 20,000 रुपये की जरूरत है। ठग ने प्रशांत को धमकाते हुए कहा कि अगर वह पैसे नहीं देंगे, तो उनकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी।
इस घटना ने कानपुर में साइबर अपराध की बढ़ती समस्या को उजागर किया है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि ठगों का यह गिरोह हरियाणा के मेवात जिले का है और उन्होंने मामले में मुकदमा दर्ज करने के लिए टीम गठित कर दी है। प्रशांत ने कहा कि वह कभी नहीं सोचते थे कि उनके साथ ऐसा होगा। इस घटना ने न केवल उन्हें आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाया, बल्कि मानसिक तनाव भी दिया। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और कहा है कि किसी भी अनजान कॉल पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें।









