Cyber Fraud in Varanasi: 17.98 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले तीन जालसाज गिरफ्तार

वाराणसी में साइबर ठगों के एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने देश के 13 राज्यों के बैंक खातों से मिलकर 17.98 करोड
वाराणसी में साइबर ठगों के एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने देश के 13 राज्यों के बैंक खातों से मिलकर 17.98 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की थी। यह कार्रवाई साइबर सेल और शिवपुर थाना की पुलिस ने मिलकर की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मयंक केसरी, हर्ष जायसवाल और युवराज श्रीवास्तव शामिल हैं। इन तीनों की भूमिकाएं अलग-अलग थीं, जहां एक ने खाता खोलने का काम किया, दूसरा खाता से संबंधित दस्तावेजों को बेचने का कार्य करता था और तीसरा मास्टर माइंड तक जानकारी पहुंचाता था। गिरोह का एक अन्य सदस्य ध्रुव कमल अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। गिरोह ने विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया, जिसमें केरल, ओडिशा, तमिलनाडु जैसे राज्य शामिल हैं। पुलिस को इस गिरोह के बारे में तब जानकारी मिली जब बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते में संदिग्ध लेन-देन की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने युवराज श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया, जिससे पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।
पुलिस ने बताया कि मयंक केसरी ने खुद का खाता खोलने के लिए युवराज को पांच हजार रुपये का लालच दिया और इस तरह से युवराज का खाता भी खुलवाया। इसके बाद हर्ष जायसवाल ने इस खाते से जुड़े दस्तावेज जैसे सिम कार्ड, चेकबुक और एटीएम कार्ड को मास्टर माइंड को सौंप दिया। मास्टर माइंड के माध्यम से विदेश में बैठे साइबर ठगों ने हरियाणा, दिल्ली, तेलंगाना, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, केरल और ओडिशा में 18 से अधिक खातों से ठगी की। उत्तर प्रदेश के दो खातों से 3.01 करोड़ रुपये की ठगी की गई, जबकि महाराष्ट्र के एक खाते से 2.13 करोड़ रुपये की ठगी हुई। कुल मिलाकर, इस गिरोह ने 17,98,98,429 रुपये की साइबर ठगी की। यह रकम विभिन्न समय पर वाराणसी के बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में पहुंची थी, जिसके बाद इसे अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया।











