Cyber Fraud Uncovered: दिल्ली पुलिस ने म्यूल सिम उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया

दिल्ली पुलिस ने हाल ही में 1.14 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो साइबर अपराधियों को म्यूल सिम उपलब्ध कराते थे। गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने हाल ही में 1.14 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो साइबर अपराधियों को म्यूल सिम उपलब्ध कराते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मनोज (22) और यश सैनी (23) के रूप में हुई है, जो हरियाणा के मेवात क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने 22 जुलाई को फिरोजपुर झिरका से इन दोनों को पकड़ा। मध्य जिला पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि इस मामले में पीड़ित को एक व्यक्ति ने संदेश भेजा था, जिसमें कहा गया था कि उसके परिवार के सदस्य के इलाज के दौरान गलती से पैसे उसके खाते में आ गए हैं। इसके बाद, पीड़ित ने ठग द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड के माध्यम से 1.14 लाख रुपये वापस भेज दिए, जिसके बाद उसे ठगी का एहसास हुआ। पुलिस की जांच में यह सामने आया कि जिस सिम का उपयोग किया गया था, वह मनोज के नाम पर पंजीकृत था। पूछताछ के दौरान मनोज ने स्वीकार किया कि वह अपने नाम पर जारी सिम को पैसे लेकर बेचता था और उसने यश को 10-15 सिम उपलब्ध कराए थे। यश स्थानीय स्तर पर सिम जुटाकर उन्हें मेवात के साइबर गिरोहों तक पहुंचाता था। पुलिस ने एक सक्रिय म्यूल सिम भी बरामद किया है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि मनोज ने अपने नाम पर रजिस्टर्ड सिम कार्ड को यश सैनी को बेचा था, जिससे वह साइबर अपराधों में इस्तेमाल के लिए उन्हें उपलब्ध कराता था। मनोज ने बताया कि उसने लगभग 10-15 सिम कार्ड सप्लाई किए थे। वहीं, यश सैनी ने स्थानीय स्तर पर सिम कार्ड खरीदने की प्रक्रिया के दौरान सब्सक्राइबर की जानकारी में हेरफेर करके उन्हें मेवात से चल रहे साइबर क्राइम सिंडिकेट को सप्लाई किया। यह जानकारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है, क्योंकि इससे उन्हें इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। पुलिस ने यह भी बताया कि इस प्रकार के साइबर अपराधों में म्यूल सिम का उपयोग एक सामान्य प्रवृत्ति बन गई है, जिससे अपराधियों को अपने कार्यों को अंजाम देने में आसानी होती है।









