Cyber Mule Syndicate Busted: दिल्ली में 70 करोड़ की ठगी का खुलासा

नई दिल्ली में मध्य जिले के साइबर सेल थाना पुलिस ने एक बड़े साइबर-म्यूल सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक के ब्रांच मैनेजर और इंडस
नई दिल्ली में मध्य जिले के साइबर सेल थाना पुलिस ने एक बड़े साइबर-म्यूल सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक के ब्रांच मैनेजर और इंडसइंड बैंक के चार अधिकारी-कर्मचारी सहित 10 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। यह सिंडिकेट चार वर्षों से भारत के साथ-साथ दुबई और यूके में बैठे साइबर ठगों को म्यूल बैंक खाता उपलब्ध करा रहा था। पुलिस ने बताया कि वर्क फ्रॉम होम के नाम पर 10 हजार रुपये की ठगी के मामले में 19 राज्यों के पीड़ितों से 70 करोड़ रुपये की ठगी का पता चला है। आरोपितों के पास से 248 बैंक किट, 38 सिम कार्ड, 28 फर्जी कंपनियों की मुहरें, 55 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, एक लाख रुपये नकद और एक ब्रेजा कार बरामद की गई है।
गिरफ्तार आरोपितों में दिशांत खन्ना, कुंदन कुमार, मोहित सोनी, योगेश कुमार, रंजीत डेमियन एक्का, मृदुल, कोमाक्षी शर्मा, पायल सेठिया, सृष्टि और चिराग भाटिया शामिल हैं। डीसीपी मध्य जिला रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि एक पीड़ित को ऑनलाइन 'वर्क-फ्राम होम' फ्रीलांसिंग का लालच देकर ठगों ने उनसे 10 हजार रुपये की फीस वसूली थी, जिसके बाद उन्हें ब्लॉक कर दिया गया और सारी चैट डिलीट कर दी गई। जांच में पता चला कि ठगी की रकम में से पांच हजार रुपये कई चरणों में डैमियन ट्रेडर्स नाम की शेल कंपनी के बैंक खाते में पहुंचे।
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह जरूरतमंद लोगों को लालच देकर उनके पहचान पत्र हासिल करता था और फर्जी कंपनियां बनाकर बैंक खाते खोलता था। सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक के मैनेजर कुंदन कुमार ने फर्जी खाते खोलने के लिए 75 हजार रुपये की रिश्वत ली थी। इंडसइंड बैंक की महिला मैनेजर कोमाक्षी शर्मा और अन्य कर्मचारियों ने भी नियमों को दरकिनार करते हुए फर्जी खाते खोलने में मदद की। पुलिस ने शालीमार बाग में एक किराए के मकान से दिशांत खन्ना और उसके साथी मृदुल को गिरफ्तार किया, जो बैंक किट, सिमकार्ड और मुहरों का जखीरा संचालित कर रहे थे। बरामद 248 खातों का इस्तेमाल देशभर में 156 साइबर शिकायतों से जुड़ा है, जिसमें करीब 20 करोड़ रुपये की ठगी शामिल है।









