Dairy center in Darbhanga: अब दरभंगा में बनेगा दूध-दही का बड़ा केंद्र, आधुनिक डेयरी प्लांट से किसानों की बढ़ेगी कमाई

दरभंगा जिले में दूध और दही उत्पादन के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत होने जा रही है। मिथिला की पहचान अब केवल मखाना, लिच्छी और संस्कृति तक सीमित नहीं रहने व
दरभंगा जिले में दूध और दही उत्पादन के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत होने जा रही है। मिथिला की पहचान अब केवल मखाना, लिच्छी और संस्कृति तक सीमित नहीं रहने वाली है। यहां पर आधुनिक डेयरी प्रसंस्करण संयंत्र और दही निर्माण इकाई का निर्माण किया जा रहा है, जो किसानों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगा। इस संयंत्र के निर्माण से किसानों को बेहतर बाजार, रोजगार के नए अवसर और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। दरभंगा में प्रतिदिन दो लाख लीटर दूध प्रसंस्करण की क्षमता वाले आधुनिक डेयरी संयंत्र का निर्माण तेजी से प्रगति पर है। इसके साथ ही 30 मीट्रिक टन क्षमता वाले दही संयंत्र की स्थापना भी की जा रही है। इन दोनों संयंत्रों के शुरू होने के बाद जिले में दूध के संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन की व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा। सांसद डा. गोपाल जी ठाकुर ने इस पहल को लेकर कहा कि डेयरी संयंत्र के माध्यम से किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और दूध उत्पादन करने वाले पशुपालकों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और कोल्ड चेन की सुविधा विकसित होने से दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता और बिक्री दोनों में सुधार आएगा।
मंगलवार को सांसद डा. गोपाल जी ठाकुर ने संसद भवन में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दरभंगा में बन रहे आधुनिक डेयरी प्रसंस्करण संयंत्र और दही निर्माण इकाई के लिए केंद्र सरकार की पहल पर आभार व्यक्त किया। सांसद ने कहा कि संयंत्र के शुरू होने के बाद दरभंगा उत्तर बिहार के प्रमुख डेयरी और दुग्ध प्रसंस्करण केंद्र के रूप में विकसित होगा। इससे स्थानीय स्तर पर दूध का उत्पादन बढ़ाने के साथ ही किसानों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म मिलेगा। इस प्रकार, यह परियोजना न केवल किसानों के लिए लाभकारी होगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगी।











