Death of Teenager in Ambedkarnagar: झोलाछाप के इंजेक्शन से किशोरी की मौत, अवैध क्लीनिक पर कार्रवाई की मांग

अंबेडकरनगर में एक किशोरी की मौत का मामला सामने आया है, जो पेट दर्द का इलाज कराने के लिए एक अवैध क्लीनिक गई थी। पीड़िता गरिमा, जो कि बरधाभिउरा के जितेंद्र की पुत
अंबेडकरनगर में एक किशोरी की मौत का मामला सामने आया है, जो पेट दर्द का इलाज कराने के लिए एक अवैध क्लीनिक गई थी। पीड़िता गरिमा, जो कि बरधाभिउरा के जितेंद्र की पुत्री है, को सोमवार की सुबह पेट में तेज दर्द हुआ। उसके पिता ने उसे गौहन्ना चौराहे पर स्थित वीके मेडिकल स्टोर परिसर में संचालित एक क्लीनिक पर ले जाया। वहां मौजूद कथित चिकित्सक ने किशोरी को इंजेक्शन लगाया और कुछ दवाएं दीं। इसके बाद गरिमा की तबीयत बिगड़ गई। जब परिवार ने फिर से क्लीनिक पर जाकर मदद मांगी, तो उन्हें जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। लेकिन जब वे वहां पहुंचे, तो चिकित्सक ने गरिमा को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पीड़ित पिता ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी है।
इस घटना के बाद महिला उपनिरीक्षक प्रियांशु भट्ट और उनकी टीम ने पीड़ित परिवार के घर जाकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने परिवार को समझाते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कोतवाल संतोष कुमार सिंह ने कहा कि तहरीर प्राप्त हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. प्रमोद कुमार ने भी मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई करने का दावा किया है, लेकिन इस घटना ने उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
एक अन्य घटना में, बसखारी (गौरा महमदपुर) की सुमन, जो चार माह की गर्भवती थीं, को अवैध रूप से गर्भपात कराने के दौरान गंभीर चोटें आईं। 4 जुलाई को जय इंदिरा अस्पताल की नर्स रीता कनौजिया ने गर्भपात कराने के दौरान सुमन के पेट के अन्य अंगों को काटकर निकाल दिया। स्थिति बिगड़ने पर सुमन को 6 जुलाई को मेडिकल कॉलेज, लखनऊ रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि पेट के अंदर का अन्य पार्ट नहीं है। 7 जुलाई को स्वजन ने उन्हें महामाया राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सद्दरपुर ले जाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले में भी अस्पताल को सील किया गया, लेकिन अब तक संचालक के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।









