Death of youth in police custody: लखीमपुर में पुलिस हिरासत में युवक की मौत पर भड़का गुस्सा

लखीमपुर जिले के मूलचंदपुरवा गांव में पुलिस की हिरासत में युवक शिव कुमार की मौत के बाद से गांव में गुस्से का माहौल है। रविवार देर रात से लेकर सोमवार दिन तक, ग्रा
लखीमपुर जिले के मूलचंदपुरवा गांव में पुलिस की हिरासत में युवक शिव कुमार की मौत के बाद से गांव में गुस्से का माहौल है। रविवार देर रात से लेकर सोमवार दिन तक, ग्रामीण और शिव कुमार के परिवार के लोग शव के अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हैं। पुलिस ने युवक को शारदानगर थाना क्षेत्र से हिरासत में लिया था, जहां रविवार को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जब शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे गांव लाया गया, तो परिवार के सदस्यों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि शिव कुमार की मौत पीट-पीटकर की गई है। इस आरोप के बाद से गांव में मातम छा गया है और लोग आक्रोशित हैं। परिवार ने अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया है, जब तक कि पुलिस के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती।
इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही उच्च अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। देखते ही देखते पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। इस बीच, समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने परिवार को सांत्वना दी। शव के गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आक्रोशित परिवारीजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सीओ सिटी विवेक तिवारी और सदर तहसीलदार मुकेश कुमार भी मौके पर पहुंचे। इन अधिकारियों ने परिवार वालों और ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन देकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिवार अपनी मांगों पर अड़ा रहा। सोमवार दोपहर तक प्रशासन और परिवार के बीच बातचीत का दौर जारी रहा, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। पुलिस बल की तैनाती के बावजूद, गांव में तनाव बना हुआ है और ग्रामीणों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। यह घटना लखीमपुर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है और स्थानीय लोगों में गहरी चिंता का विषय बन गई है।









