Death Registered Twice: जमुई में मुआवजे के लिए मुर्दे का हुआ रजिस्ट्रेशन

जमुई में श्रम विभाग की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। हाल ही में लखन रविदास की मौत को दूसरी बार रजिस्टर कर मुआवजे की राशि निकाली गई है। यह माम
जमुई में श्रम विभाग की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। हाल ही में लखन रविदास की मौत को दूसरी बार रजिस्टर कर मुआवजे की राशि निकाली गई है। यह मामला बरहट प्रखंड के लखई पंचायत के भंदरा गांव से जुड़ा है, जहां लखन की मृत्यु 23 मई 2019 को हुई थी। पंचायत ने उसी दिन लखन के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया था, जिसके आधार पर उनकी पत्नी सावित्री देवी को विधवा पेंशन मिलती रही है। लेकिन अब इस प्रमाण पत्र में छेड़छाड़ कर लखन की मृत्यु को 29 जुलाई 2025 दिखाया गया है, जिससे मुआवजे की राशि दो लाख रुपये की निकासी की गई। यह सब कैसे संभव हुआ, यह एक गंभीर जांच का विषय है। श्रम विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
इस मामले में श्रम निरीक्षक सुधांशु कुमार ने पहले तो मामले को टालने की कोशिश की, लेकिन जब उनसे सच्चाई पूछी गई तो उन्होंने पोर्टल के न खुलने का बहाना बनाया। इसके बाद उन्होंने यह भी कहा कि हम सब अपने लोग हैं, इसलिए इस मामले को छापने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह सुनकर यह स्पष्ट हो गया कि मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का है। लखन रविदास के मृत्यु प्रमाण पत्र में बदलाव कर मुआवजे की राशि निकाली गई, जबकि वास्तविकता यह है कि उनकी मृत्यु 2019 में हुई थी। इस प्रकार के फर्जीवाड़े से सरकारी धन की बंदरबांट की जा रही है।
भ्रष्टाचार की यह कहानी केवल लखन रविदास तक सीमित नहीं है। गुगुलडीह पंचायत के छेदलाही गांव निवासी गुलो तांती की भी दो बार मृत्यु दर्ज की गई थी। उनकी पहली मृत्यु 20 दिसंबर 2023 को हुई थी, जबकि दूसरी मृत्यु का प्रमाण पत्र 9 फरवरी 2024 को जारी किया गया। इस मामले में भी श्रम अधीक्षक रतीश कुमार ने जांच की बात कही थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरटीआई कार्यकर्ता गिरीश सिंह और भाकपा माले के सदस्य बाबू साहब सिंह का कहना है कि श्रम विभाग में ऐसे मामलों की लंबी सूची है, जहां दलाल और अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी राशि का फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। यह स्थिति न केवल सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित कर रही है, बल्कि समाज में भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा दे रही है।











