Debate on Anti-Paper Leak Bill: एंटी-पेपर लीक बिल पर लोकसभा में तीखी बहस के आसार

नई दिल्ली में संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को लगातार व्यवधान देखने को मिला। जहां एक ओर सरकार ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पेश क
नई दिल्ली में संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को लगातार व्यवधान देखने को मिला। जहां एक ओर सरकार ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पेश किया, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बयान देने की मांग की। विपक्ष ने 25 जुलाई को बिहार के सीवान जिले में एक छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर AK-47 राइफल के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एक पुलिस कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। नारेबाजी और हंगामे के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा की अगली बैठक मंगलवार सुबह 11 बजे होगी, जबकि राज्यसभा को भी गृह मंत्री से बयान की विपक्ष की मांग के चलते मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। केंद्र सरकार ने पेपर लीक और परीक्षाओं में होने वाली धांधली से निपटने के लिए कड़े दंड का प्रावधान करने वाला लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 लोकसभा में पेश किया। इस विधेयक में संगठित रूप से परीक्षा से जुड़े अपराध करने वालों के लिए 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है। इस कानून के तहत ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन का भी प्रस्ताव है, जो 2024 में पारित मूल एंटी-पेपर लीक कानून को और मजबूत बनाएगा। पीएमओ में केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्ष की नारेबाजी के बीच इस विधेयक को लोकसभा में पेश किया। प्रस्तावित संशोधनों में संगठित परीक्षा अपराध के लिए न्यूनतम सजा को पांच साल से बढ़ाकर सात साल करने और दोषी व्यक्तियों के लिए न्यूनतम पांच साल की जेल व 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान शामिल है, जिसे 10 साल तक बढ़ाया जा सकता है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी सांसदों से इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा होने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह कानून देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। लोकसभा में बोलते हुए रिजिजू ने कहा कि कई विपक्षी सदस्यों ने भी इस बिल में संशोधन प्रस्ताव सौंपे हैं और वे चर्चा के लिए तैयार थे, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दल जानबूझकर कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने पहले खुद छात्रों के कल्याण और परीक्षाओं पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन अब जब इसके लिए छह घंटे का समय आवंटित किया गया है, तो वे चर्चा से भाग रहे हैं। मैं कांग्रेस के सहयोगियों से आग्रह करता हूं कि ऐसा न करें, इससे आपकी पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। राज्यसभा में भी किरेन रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की। रिजिजू ने कहा कि खरगे जी जैसे वरिष्ठ नेता यहां मौजूद हैं। मुझे उम्मीद थी कि वे अपने सांसदों को समझाएंगे। विपक्ष बाहर कहता है कि उन्हें बोलने नहीं दिया जाता, और यहां हम खुद उनसे चर्चा में शामिल होने का अनुरोध कर रहे हैं, लेकिन वे इनकार कर रहे हैं। देश के युवा यह सब देख रहे हैं और विपक्ष को जनता को जवाब देना होगा। विपक्षी सांसदों द्वारा छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के खिलाफ लगातार की जा रही नारेबाजी के कारण लोकसभा में बिल पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी। इससे पहले, स्पीकर ओम बिरला ने सरकार और विपक्ष को गतिरोध सुलझाने के लिए तीन घंटे का समय दिया था और शाम 5 बजे चर्चा शुरू कराने की कोशिश की थी, लेकिन बात नहीं बनी और सदन को स्थगित करना पड़ा।









