Delhi Cabinet: रक्षा बंधन पर आएगी लक्ष्मी योजना की पहली किस्त, कांवड़ शिविरों की सहायता राशि में इजाफा

दिल्ली सरकार की कैबिनेट बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें बहुप्रतीक्षित दिल्ली लक्ष्मी योजना (डीएलवाई) को मंजूरी दी
दिल्ली सरकार की कैबिनेट बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें बहुप्रतीक्षित दिल्ली लक्ष्मी योजना (डीएलवाई) को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत राजधानी की 17 लाख से अधिक पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 5,110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना की पहली किस्त रक्षाबंधन के अवसर पर जारी की जाए। कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंत्रिपरिषद के साथ प्रेस वार्ता में योजना की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन का जो वादा किया था, उसे सवा वर्ष के भीतर पूरा कर दिया है। रेखा गुप्ता के अनुसार, यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ सामाजिक सम्मान और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देगी। योजना के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होंगे, और इसके लिए दिल्ली लक्ष्मी योजना पोर्टल एक अगस्त से शुरू किया जाएगा। जिला स्तर पर आवेदनों की जांच, अंतिम स्वीकृति और शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था भी की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि लाभार्थियों को सहायता राशि दो माध्यमों से मिलेगी। पहले विकल्प में 1,500 रुपये आरडी या एफडी के रूप में जमा किए जाएंगे, जबकि दूसरे विकल्प में 1,000 रुपये सीबीडीसी (डिजिटल रुपये) वॉलेट में दिए जाएंगे। डिजिटल वॉलेट की राशि का उपयोग सरकार द्वारा निर्धारित वस्तुओं और सेवाओं की खरीद तक सीमित रहेगा। रेखा गुप्ता ने कहा कि योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके माध्यम से बच्चों के स्कूल नामांकन, अपार आईडी, आभा आईडी, समय पर टीकाकरण और पोषण ट्रैकर पर पंजीकरण जैसी सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, कपिल मिश्रा और डॉ. पंकज सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
दिल्ली कैबिनेट ने कांवड़ यात्रा-2026 के लिए कांवड़ समितियों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। सरकार ने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, शिविरों के बढ़ते खर्च और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी श्रेणियों के कांवड़ शिविरों के अनुदान में वृद्धि का निर्णय लिया है। कैबिनेट के फैसले के अनुसार, 20 हजार वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में 6 से 12 दिनों तक संचालित होने वाले बड़े कांवड़ शिविरों को अब अधिकतम 15 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। अन्य श्रेणियों के शिविरों के लिए भी अनुदान राशि बढ़ाई गई है। इसके अलावा कांवड़ समितियों को पहले की तरह 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा मिलती रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य कांवड़ समितियों को पर्याप्त सहयोग देकर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करना है। महंगाई और यात्रा के विस्तार को देखते हुए सहायता राशि बढ़ाने का फैसला लिया गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, मोबाइल शौचालय, बिजली आपूर्ति, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और सिंगल विंडो व्यवस्था भी जारी रहेगी।









