Delhi Government's Big Announcement for Shiv Devotees: कांवड़ समितियों के बड़े शिविरों को 15 लाख की मदद

दिल्ली सरकार ने कांवड़ यात्रा के लिए कांवड़ समितियों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता में वृद्धि का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को इस संबंध म
दिल्ली सरकार ने कांवड़ यात्रा के लिए कांवड़ समितियों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता में वृद्धि का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, महंगाई और शिविरों के संचालन पर बढ़ते खर्च को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। इस प्रस्ताव को आज होने वाली दिल्ली मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। सरकार ने अनुदान वितरण की प्रक्रिया को सरल बनाने का भी निर्णय लिया है। अब अग्रिम और अंतिम दोनों किस्तें सीधे जिलाधिकारी कार्यालय से जारी की जाएंगी। अनुदान को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से दो किस्तों में दिया जाएगा, जिसमें पहली किस्त 50 प्रतिशत अग्रिम होगी और शेष राशि यात्रा के बाद सत्यापन के आधार पर जारी की जाएगी। एसडीएम और तहसीलदार जियो-टैग फोटो और निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर शिविरों का सत्यापन करेंगे।
दिल्ली सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि वर्ष 2025 में स्वीकृत कांवड़ समितियों और स्थलों की सूची को वर्ष 2026 के लिए अंतिम माना जाएगा, और इस वर्ष किसी नई समिति या नए स्थल को मंजूरी नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, एमसीडी, स्वास्थ्य विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब), बिजली कंपनियां और दिल्ली पुलिस समन्वय के साथ स्वच्छता, स्वास्थ्य, पेयजल, शौचालय, बिजली, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे। श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और महंगाई को देखते हुए अनुदान बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। सरकार की समिति ने यह भी सिफारिश की है कि वर्ष 2025 में जिन कांवड़ समितियों और स्थलों को स्वीकृति दी गई थी, उसी सूची को वर्ष 2026 के लिए अंतिम माना जाए। कांवड़ समितियों को पहले की तरह 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा दी जाएगी। बिजली वितरण कंपनियां बीएसईएस और टीपीडीडीएल समय पर कनेक्शन उपलब्ध कराएंगी, जबकि इससे अधिक खपत का खर्च संबंधित समिति को स्वयं वहन करना होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल के माध्यम से श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया है।









