Zoo modernization in Delhi: दिल्ली जू में जल्द दिखेंगे चीता, जगुआर और मीयरकैट, 38 नए एनक्लोजर से बदलेगी सूरत; जुड़ेगा पुराने किले से

दिल्ली चिड़ियाघर को एक आधुनिक और आकर्षक स्थल में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इस योजना के तहत, चिड़ियाघर में हैबिटेट आधारित एनक्लोजर, वन्यज
दिल्ली चिड़ियाघर को एक आधुनिक और आकर्षक स्थल में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इस योजना के तहत, चिड़ियाघर में हैबिटेट आधारित एनक्लोजर, वन्यजीवों के लिए समर्पित रेस्क्यू और पुनर्वास केंद्र, और एक अत्याधुनिक पशु चिकित्सालय स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा, 201 प्रजातियों के लगभग 2,943 जीवों का संग्रह विकसित करने की योजना है। इस परियोजना के लिए 3.78 करोड़ रुपये की लागत से एक बहु-विषयक डिजाइन कंसल्टेंट को नियुक्त किया जाएगा, जो मास्टर प्लान और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगा। इस प्रकार, चिड़ियाघर को देश और एशिया के मॉडल अर्बन जू के रूप में विकसित किया जाएगा।
चिड़ियाघर के 188 एकड़ में फैले परिसर में 38 नए एनक्लोजर बनाए जाएंगे, जबकि 11 पुराने और जर्जर एनक्लोजर को हटाया जाएगा। मौजूदा 32 एनक्लोजर का उन्नयन किया जाएगा। सफेद बाघ, शेर, हाथी, गैंडा, जिराफ, चिंपैंजी और घड़ियाल जैसे जानवरों के बाड़ों को आधुनिक रूप दिया जाएगा। इसके साथ ही, चीता, जगुआर, मीयरकैट, ऊदबिलाव, बाबून, वाइल्ड डॉग, जायंट स्क्विरल और हनी बैजर जैसी नई प्रजातियों के लिए भी एनक्लोजर प्रस्तावित हैं। यह सभी परिवर्तन चिड़ियाघर की सूरत को पूरी तरह से बदल देंगे और इसे एक आकर्षक पर्यटन स्थल बनाएंगे।
योजना में रेस्क्यू एवं पुनर्वास केंद्र, नाइटर्नल हाउस, रेप्टाइल हाउस, बटरफ्लाई गार्डन, वाॅक-थ्रू एवियरी और एक्सोटिक एवियरी भी शामिल हैं। आगंतुकों की सुविधा के लिए स्मार्ट टिकटिंग, मोबाइल ऐप, आगमेंटेड रियलिटी, बैटरी चालित वाहन, नए इंटरप्रिटेशन सेंटर और बेहतर निगरानी व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, मथुरा रोड पर नया प्रवेश प्लाजा, पार्किंग, फूड कोर्ट, विजिटर सेंटर और क्लाक रूम का निर्माण किया जाएगा। भैरों मंदिर रोड पर स्थित प्रवेश द्वार को भी उन्नत किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत चिड़ियाघर को पुराने किले से जोड़कर जैव विविधता और विरासत काॅरिडोर के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी है।









