Delivery Hub in Kangra: 2,024 पार्सल गायब, इंचार्ज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में एक निजी डिलीवरी कंपनी के हब से 2,024 पार्सल गायब होने की घटना ने सभी को चौंका दिया है। यह मामला आलमपुर स्थित डिलीवरी हब से संब
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में एक निजी डिलीवरी कंपनी के हब से 2,024 पार्सल गायब होने की घटना ने सभी को चौंका दिया है। यह मामला आलमपुर स्थित डिलीवरी हब से संबंधित है, जहां से यह पार्सल गायब हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में हब के इंचार्ज के खिलाफ गबन की प्राथमिकी दर्ज कर दी है। गायब हुए पार्सलों की कुल कीमत 6,36,085 रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा, इंचार्ज पर कंपनी के 28,136 रुपये की नकदी जमा न करवाने और उसे अपने पास रखने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार, आरोपी को 24 अप्रैल 2026 को आलमपुर हब में इंचार्ज के रूप में नियुक्त किया गया था। उसकी जिम्मेदारी थी कि वह बिलासपुर से आने वाले वाहनों से पार्सल अनलोड करे, उनकी छंटाई करे और प्रदेश के लगभग 35 लास्ट माइल हब तक उन्हें सुरक्षित पहुंचाए। इसके साथ ही उसे रिकॉर्ड बनाए रखने का भी कार्य सौंपा गया था।
हालांकि, पिछले कुछ समय से विभिन्न हब से पार्सल कम मिलने की लगातार शिकायतें आ रही थीं। इसके बावजूद इंचार्ज ने न तो कोई आंतरिक जांच कराई और न ही सीसीटीवी फुटेज की जांच की। जब मामला संदिग्ध लगने लगा, तो कंपनी की फ्रॉड प्रिवेंशन एंड इन्वेस्टिगेशन टीम ने 21 जुलाई को आलमपुर हब का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में यह पाया गया कि इंचार्ज की तैनाती के बाद से 2,024 पार्सल गंतव्य तक नहीं पहुंचे। इसके अलावा, इंचार्ज ने कंपनी की 28,136 रुपये की नकदी भी जमा करने से मना कर दिया। यह स्थिति कंपनी के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है, जिससे उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी कांगड़ा, बीर बहादुर ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस थाना लंबागांव में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब गायब पार्सलों और नकदी की बरामदगी के साथ-साथ अन्य साक्ष्य जुटाने में जुटी हुई है। यह मामला न केवल कंपनी के लिए, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। लोगों को उम्मीद है कि पुलिस इस मामले को जल्द सुलझाएगी और दोषियों को सजा दिलाएगी। इस घटना ने डिलीवरी सेवाओं की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं, जिससे ग्राहकों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।









