Demand for FIR against Wangchuk, Abhijit Deepke, and Kunal Kamra: चंडीगढ़ कोर्ट में याचिका; पुलिस को नोटिस

चंडीगढ़ में समाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके और कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने
चंडीगढ़ में समाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके और कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। इस मामले में चंडीगढ़ जिला अदालत ने पुलिस को नोटिस जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी। याचिका दायर करने वाले एडवोकेट विभु सैनी ने कोर्ट में कहा कि यह मामला तब शुरू हुआ जब 15 जुलाई को जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन के दौरान कुणाल कामरा ने हिंदुओं के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया। इस बयान के समय मंच पर सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने कामरा के बयान पर कोई आपत्ति नहीं जताई। याचिका में यह भी कहा गया है कि तीनों व्यक्ति इस मामले में समान रूप से जिम्मेदार हैं।
इस मामले में पहले चंडीगढ़ के सेक्टर-3 थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो याचिका दायर की गई। एडवोकेट विभु सैनी ने कोर्ट में कहा कि यह आवश्यक है कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाए ताकि ऐसे बयानों को रोका जा सके जो समाज में अस्थिरता पैदा कर सकते हैं। कोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए पुलिस को जवाब देने का निर्देश दिया है। अब पुलिस को अपनी जांच रिपोर्ट पेश करनी होगी और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही कोर्ट अगला आदेश जारी करेगा।
यह मामला न केवल चंडीगढ़ बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग इस मामले को लेकर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार से जोड़कर देख रहे हैं। कुछ का मानना है कि कामरा का बयान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत आता है, जबकि अन्य इसे समाज में तनाव पैदा करने वाला मानते हैं। चंडीगढ़ कोर्ट ने इस मामले में पुलिस को नोटिस जारी कर दिया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अदालत इस मामले को गंभीरता से ले रही है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और अदालत का अगला आदेश क्या होता है।









