Demolition in Bihar: बेतिया के मीना बाजार में 85 दुकानों को ध्वस्त किया गया

बिहार के बेतिया में स्थित ऐतिहासिक मीना बाजार में सोमवार को जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए एक बड़ी कार्रवाई की। इस कार्रवाई में प्रशासन ने पहले से चिन्हि
बिहार के बेतिया में स्थित ऐतिहासिक मीना बाजार में सोमवार को जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए एक बड़ी कार्रवाई की। इस कार्रवाई में प्रशासन ने पहले से चिन्हित लगभग 85 दुकानों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था, जहां बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई जब कई दुकानदारों ने पटना हाईकोर्ट से स्थगन आदेश प्राप्त किया हुआ था। इसके बावजूद प्रशासन ने बिना किसी इंतजार के बुलडोजर चलाकर दुकानों को तोड़ दिया, जिससे व्यापारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। व्यापारियों ने इसे प्रशासन की तानाशाही करार दिया और कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह से मनमानी है।
दुकानदारों का कहना है कि उन्हें ये दुकानें पूर्व राज व्यवस्था के समय पट्टे पर आवंटित की गई थीं और वे वर्षों से नियमित रूप से टैक्स का भुगतान कर रहे थे। उनका आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर केवल छोटे और गरीब व्यापारियों को निशाना बनाया गया है, जबकि सड़क के दूसरी ओर पर्याप्त खाली जमीन उपलब्ध है, जहां से भी सड़क का विस्तार संभव था। व्यापारियों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्होंने बिना किसी उचित प्रक्रिया के उनकी दुकानों को ध्वस्त किया, जिससे उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
इस कार्रवाई के विरोध में कई व्यापारियों ने आत्मदाह की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि उनकी आजीविका पूरी तरह इन दुकानों पर निर्भर थी। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने मीडिया के सामने पटना हाईकोर्ट का स्टे आदेश और दुकानों से जुड़े पट्टा दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। मीना बाजार क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी है। प्रभावित दुकानदारों में विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी शामिल हैं, जो इस कार्रवाई के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं।









