Dengue Threat in India: डेंगू के चार स्ट्रेन का एक साथ फैलना खतरनाक

भारत में डेंगू के चारों स्ट्रेन एक साथ फैलने की चिंता बढ़ गई है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (icmr) द्वारा हाल ही में जारी की गई एक स्टडी के अनुसार, देश के व
भारत में डेंगू के चारों स्ट्रेन एक साथ फैलने की चिंता बढ़ गई है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा हाल ही में जारी की गई एक स्टडी के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में डेंगू के चारों स्ट्रेन - DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4 - एक साथ पाए गए हैं। यह स्थिति स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि एक साथ एक से अधिक स्ट्रेन का फैलना गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। स्टडी में यह भी बताया गया है कि 2023 से 2025 के बीच देश के 20 से अधिक राज्यों के 45 लैब से लिए गए 6,889 डेंगू मरीजों के सैंपल की जांच की गई थी, जिसमें से लगभग 7% मरीजों में एक साथ दो या अधिक स्ट्रेन का संक्रमण पाया गया। ऐसे मामलों में डेंगू के गंभीर लक्षणों का खतरा बढ़ जाता है।
डेंगू के एक से अधिक स्ट्रेन का संक्रमण खतरनाक होता है क्योंकि जब कोई व्यक्ति एक स्ट्रेन से संक्रमित होता है, तो उसके शरीर में उसी स्ट्रेन के खिलाफ एंटीबॉडी बनती हैं। लेकिन यदि वह व्यक्ति किसी दूसरे स्ट्रेन से संक्रमित हो जाता है, तो उसे डेंगू के गंभीर लक्षणों का सामना करना पड़ सकता है। कुछ मामलों में, व्यक्ति अपने जीवनकाल में एक से अधिक बार डेंगू के विभिन्न स्ट्रेन से संक्रमित हो सकता है, जिससे प्लेटलेट्स में अचानक गिरावट और डेंगू शॉक सिंड्रोम का खतरा बढ़ जाता है। स्टडी में यह भी पाया गया कि जिन मरीजों में एक साथ दो या अधिक स्ट्रेन मिले थे, उनके शरीर में ब्लीडिंग की समस्या भी देखी गई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में भी चारों स्ट्रेन एक साथ फैलते हैं, तो यह एक गंभीर खतरा हो सकता है। डॉ. अजीत कुमार, जो राजीव गांधी अस्पताल में प्रोफेसर हैं, ने कहा कि डेंगू की वैक्सीन की प्रभावशीलता विभिन्न स्ट्रेन के खिलाफ अलग-अलग हो सकती है। इसलिए यह जानना आवश्यक है कि किस क्षेत्र में कौन-सा स्ट्रेन अधिक फैला हुआ है, ताकि वैक्सीनेशन को सही दिशा में किया जा सके। हालांकि, वर्तमान में जो स्टडी की गई है, वह पिछले साल तक के डेटा पर आधारित है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस बार डेंगू के मामले कितने आते हैं और क्या सभी स्ट्रेन अभी भी सक्रिय हैं या नहीं। डेंगू से बचाव के उपायों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है, जैसे कि मच्छरों से बचाव, साफ-सफाई और स्वास्थ्य की नियमित निगरानी।











