Digital Academic ID Campaign Launched: गाजियाबाद के स्कूलों में शुरू हुआ APAR ID अभियान, 10 दिन में बनेगी हर छात्र की डिजिटल शैक्षणिक आईडी

गाजियाबाद जिले के सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों की अपार (आटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आईडी बनाने के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। यह
गाजियाबाद जिले के सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों की अपार (आटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आईडी बनाने के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान 10 दिनों तक चलेगा और इसका उद्देश्य है कि सभी विद्यार्थियों की डिजिटल शैक्षणिक पहचान को सुनिश्चित करना। इस पहल के तहत परिषदीय, राजकीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों और मदरसों में यू-डाइस प्लस पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी तैयार की जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को निर्देशित किया है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने के कार्य को पूरा करें। यह अभियान विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उनकी शैक्षणिक पहचान को एकीकृत और सुरक्षित किया जा सकेगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव ने कहा कि अपार आईडी विद्यार्थियों की स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान होगी, जो उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड को सुरक्षित और एकीकृत रूप से उपलब्ध कराएगी। इससे भविष्य में शैक्षणिक दस्तावेजों के सत्यापन और स्थानांतरण की प्रक्रिया को भी सरल बनाया जा सकेगा। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करना है, जहां उनकी सभी शैक्षणिक जानकारियाँ एकत्रित होंगी और उन्हें आसानी से एक्सेस किया जा सकेगा। इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराए जाएं ताकि प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए।
इस अभियान के दौरान जिला समन्वयक (एमआइएस) रुचि त्यागी ने बताया कि विद्यालयों को आवश्यक तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे विद्यालय द्वारा मांगे जाने पर आधार कार्ड, सहमति पत्र और अन्य आवश्यक अभिलेख समय पर उपलब्ध कराएं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी समयबद्ध तरीके से तैयार की जा सके। इस अभियान का उद्देश्य न केवल विद्यार्थियों की पहचान को सुरक्षित करना है, बल्कि उनके शैक्षणिक भविष्य को भी सशक्त बनाना है।









