Dog Bite Incidents in Dharamshala: धर्मशाला में आवारा कुत्तों के काटने से 30 से अधिक लोग घायल

धर्मशाला में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे नगर निगम क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। जुलाई के 27 दिनों में 30 से अधिक लोग डॉग
धर्मशाला में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे नगर निगम क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। जुलाई के 27 दिनों में 30 से अधिक लोग डॉग बाइट का शिकार होकर क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला पहुंचे हैं। इनमें से कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सोमवार को भी एक व्यक्ति को आवारा कुत्ते द्वारा काटे जाने के बाद अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया। यह घटनाएँ नगर निगम के दावों और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। हाल ही में बड़ोल क्षेत्र में एक ही दिन में आठ लोगों को कुत्तों ने काटा था, जबकि पिछले सप्ताह दाड़ी क्षेत्र में भी लगभग 10 लोग डॉग बाइट का शिकार हुए थे। इन घटनाओं ने स्थानीय निवासियों के बीच चिंता बढ़ा दी है और समस्या के समाधान की आवश्यकता को उजागर किया है।
अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, पीड़ितों में अधिकतर बुजुर्ग और राहगीर शामिल हैं, जिन्हें अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई है। चिकित्सकों का कहना है कि कुत्ते के काटने पर घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से धोकर बिना देरी अस्पताल पहुंचना चाहिए। यह सलाह दी गई है कि लोग अपने आसपास के क्षेत्रों में सावधानी बरतें और यदि कोई आवारा कुत्ता दिखाई दे, तो उससे दूर रहें। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि इस समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है और इसे तुरंत सुलझाना आवश्यक है।
नगर निगम धर्मशाला के मेयर शमशेर नैहरिया ने बताया कि आवारा कुत्तों की समस्या से निजात दिलाने के लिए निगम की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण का अभियान चलाया जा रहा है, ताकि इस समस्या को नियंत्रित किया जा सके। हालांकि, स्थानीय निवासियों का मानना है कि यह प्रयास पर्याप्त नहीं हैं और उन्हें अधिक प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। नगर निगम को चाहिए कि वह इस दिशा में ठोस कदम उठाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।









