DU Admission Round Three: कई कॉलेज बन सकते हैं गेम चेंजर, छात्रों की उम्मीदें जिंदा

नई दिल्ली में डीयू की दूसरी सीट आवंटन प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद अब छात्रों की निगाहें तीसरे राउंड पर टिकी हुई हैं। डीयू की प्रवेश डीन हनीत गांधी ने बताया
नई दिल्ली में डीयू की दूसरी सीट आवंटन प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद अब छात्रों की निगाहें तीसरे राउंड पर टिकी हुई हैं। डीयू की प्रवेश डीन हनीत गांधी ने बताया कि यह चरण उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, जिन्हें अब तक अपने मनपसंद कॉलेज या पाठ्यक्रम का चयन नहीं मिल पाया है। हर साल दूसरे राउंड के बाद सीटों में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है, जिसके चलते कई कॉलेजों में नई सीटें उपलब्ध हो जाती हैं। इस वर्ष डीयू में लगभग 71,624 स्नातक सीटों पर प्रवेश दिया जा रहा है। सीएसएएस-यूजी के तहत 2,73,751 छात्रों ने पंजीकरण कराया है, जबकि 2,06,835 विद्यार्थियों ने कॉलेज और पाठ्यक्रम की प्राथमिकताएं भरी हैं। पहले और दूसरे राउंड के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपनी सीटों को अपग्रेड कर लेते हैं या फिर आईआईटी, एनआईटी, जामिया, बीएचयू, अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों और निजी संस्थानों में दाखिला मिलने पर डीयू की सीट छोड़ देते हैं। इस स्थिति में तीसरे राउंड में कई कॉलेजों में रिक्तियां उत्पन्न होती हैं।
डीयू की प्रवेश डीन के अनुसार, तीसरे राउंड में सबसे अधिक बदलाव उन कॉलेजों में देखने को मिल सकता है, जहां बाहरी राज्यों के छात्रों की संख्या अधिक होती है। रामजस कॉलेज, किरोड़ीमल कॉलेज, देशबंधु कॉलेज, सत्यवती कॉलेज, पीजीडीएवी कॉलेज, शहीद भगत सिंह कॉलेज, जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज, स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज और कई ऑफ-कैंपस कॉलेजों में कुछ पाठ्यक्रमों में सीटों की आवाजाही की संभावना बनी रहती है। इसके अलावा, शीर्ष कॉलेजों में भी कुछ सीटें अपग्रेड के कारण खाली हो सकती हैं, हालांकि उनकी संख्या सीमित होती है। शिक्षकों का मानना है कि तीसरे राउंड में केवल अंक ही नहीं, बल्कि अन्य छात्रों के अपग्रेड, सीट छोड़ने और उपलब्ध रिक्तियों का भी बड़ा प्रभाव पड़ता है। इसलिए जिन विद्यार्थियों को अब तक अपने पसंदीदा कॉलेज का चयन नहीं मिला है, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है।









